Sunday, December 31, 2023

The Diary Of Young Girl HindI PDF Ebook Download

                         1948 प्रथम संस्करण
. लेखक - ऐनी फ्रैंक

. मूल शीर्षक - हेट अचटरहुइस

. शैली - आत्मकथा,यहूदी साहित्य

. प्रकाशन तिथि - 25 जून 1947

पृष्ठभूमि - नीदरलैंड पर नाजी कब्जे के दौरान , ऐनी फ्रैंक को 12 जून 1942 को उनके 13वें जन्मदिन पर उपहार के रूप में एक खाली डायरी मिली। ऐनी फ्रैंक हाउस के अनुसार , ऐनी ने जिस लाल, चेकदार ऑटोग्राफ वाली किताब को अपनी डायरी के रूप में इस्तेमाल किया था, वह वास्तव में कोई आश्चर्य की बात नहीं थी, क्योंकि उसने इसे एक दिन पहले अपने पिता के साथ अपने घर के पास एक किताबों की दुकान को ब्राउज़ करते समय चुना था। उन्होंने अपने जन्मदिन पर एक वाक्य का नोट दर्ज करते हुए लिखा, "मुझे आशा है कि मैं आपको सब कुछ बता पाऊंगी, क्योंकि मैं कभी भी किसी पर विश्वास नहीं कर पाई हूं, और मुझे आशा है कि आप आराम का एक बड़ा स्रोत होंगे और समर्थन।" मुख्य डायरी 14 जून से लिखी गई थी। 

5 जुलाई 1942 को, ऐनी की बड़ी बहन मार्गोट को जर्मनी में नाज़ी कार्य शिविर में रिपोर्ट करने के लिए एक आधिकारिक सम्मन मिला , और 6 जुलाई को, मार्गोट और ऐनी अपने माता-पिता ओटो और एडिथ के साथ छिप गईं । बाद में वे ओटो के बिजनेस पार्टनर हरमन वैन पेल्स से जुड़ गए, जिसमें उनकी पत्नी ऑगस्टे और उनका किशोर बेटा पीटर भी शामिल थे । उनका छिपने का स्थान एम्स्टर्डम में ओटो की कंपनी की इमारत के पीछे के उपभवन के सीलबंद ऊपरी कमरों में था । ओटो फ्रैंक ने 1933 में ओपेक्टा नाम से अपना व्यवसाय शुरू किया। उन्हें जैम बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले पदार्थ पेक्टिन के निर्माण और बिक्री का लाइसेंस दिया गया था। उसने छिपकर अपना व्यवसाय चलाना बंद कर दिया। लेकिन एक बार जब वह 1945 की गर्मियों में वापस लौटे, तो उन्होंने अपने कर्मचारियों को इसे चलाते हुए पाया। जिन कमरों में सभी लोग छिपे थे, वे ओपेक्टा की ही इमारत में एक चलती-फिरती किताबों की अलमारी के पीछे छिपे हुए थे। सहायक मिएप गिज़ के दंत चिकित्सक, फ्रिट्ज़ फ़ेफ़र , चार महीने बाद उनके साथ जुड़ गए। प्रकाशित संस्करण में, नाम बदल दिए गए: वैन पेल्सेस को वैन डैन्स के नाम से जाना जाता है, और फ्रिट्ज़ फ़ेफ़र को अल्बर्ट डसेल के रूप में जाना जाता है। ओटो फ्रैंक के भरोसेमंद सहयोगियों के एक समूह की सहायता से, वे दो साल और एक महीने तक छिपे रहे।

4 अगस्त 1944 को, उन्हें खोज लिया गया और नाज़ी एकाग्रता शिविरों में भेज दिया गया। लंबे समय से माना जा रहा था कि उन्हें धोखा दिया गया है, हालांकि ऐसे संकेत हैं कि उनकी खोज आकस्मिक हो सकती है, कि पुलिस छापे ने वास्तव में "राशन धोखाधड़ी" को लक्षित किया था। आठ लोगों में से केवल ओटो फ्रैंक ही युद्ध में जीवित बचे। ऐनी 15 वर्ष की थी जब बर्गेन-बेलसेन में उसकी मृत्यु हो गई । उनकी मृत्यु की सही तारीख अज्ञात है, और लंबे समय से यह माना जाता रहा है कि यह फरवरी के अंत या मार्च की शुरुआत में हुई थी, 15 अप्रैल 1945 को ब्रिटिश सैनिकों द्वारा कैदियों को मुक्त करने से कुछ सप्ताह पहले।

पांडुलिपि में, उनकी मूल डायरियाँ तीन मौजूदा खंडों में लिखी गई हैं। पहला खंड (लाल और सफेद चेकदार ऑटोग्राफ पुस्तक) 14 जून और 5 दिसंबर 1942 के बीच की अवधि को कवर करता है। चूंकि दूसरा जीवित खंड (एक स्कूल अभ्यास पुस्तक) 22 दिसंबर 1943 को शुरू होता है, और 17 अप्रैल 1944 को समाप्त होता है, यह यह माना जाता है कि मूल खंड या खंड दिसंबर 1942 और दिसंबर 1943 के बीच खो गए थे , संभवतः गिरफ्तारी के बाद, जब नाजी निर्देशों पर छिपने की जगह खाली कर दी गई थी। हालाँकि, यह लुप्त अवधि उस संस्करण में शामिल है जिसे ऐनी ने संरक्षण के लिए दोबारा लिखा था। तीसरे मौजूदा खंड (जो एक स्कूल अभ्यास पुस्तिका भी थी) में 17 अप्रैल से 1 अगस्त 1944 तक की प्रविष्टियाँ हैं, जब ऐनी ने अपनी गिरफ्तारी से तीन दिन पहले आखिरी बार लिखा था। 

कागज की ढीली शीटों पर लिखी गई पांडुलिपि, परिवार की गिरफ्तारी के बाद मिएप गिज़ और बीप वोस्कुइजल द्वारा छिपने की जगह के फर्श पर बिखरी हुई पाई गई थी, लेकिन एम्स्टर्डम कार्यालय के एक विशेष विभाग द्वारा उनके कमरों में तोड़फोड़ किए जाने से पहले सिचेरहेइट्सडिएंस्ट (एसडी, नाज़ी ख़ुफ़िया एजेंसी) जिसके लिए कई डच सहयोगियों ने काम किया। युद्ध के बाद कागजात ओटो फ्रैंक को दिए गए, जब जुलाई 1945 में ऐनी की मौत की पुष्टि बहनों जेनी और लियन ब्रिलेसलिपर ने की, जो बर्गन-बेल्सन में मार्गोट और ऐनी के साथ थीं।

    एक युवा लड़की की डायरी हिंदी ई-बुक




ग्रेट अलकली प्लेन के ऊपर \ ए स्टडी इन स्कार्लेट - सर आर्थर कॉनन डॉयल

      विशाल उत्तरी अमरीकी महाद्वीप के बीच के हिस्से में एक बंजर और घिनौना रेगिस्तान है, जो कई सालों तक सभ्यता की तरक्की में बाधा बना रहा. सियरा निवाडे से नेब्रास्का तक और उत्तर येलोस्टोन नदी से ले कर दक्षिण में कोलाराडो तक पूरा इलाका उदासी और निस्तब्धता से भरा है. इस मनहूस से इलाके में कुदरत भी हमेशा एक रूप में नहीं रहती. यहां पर बर्फ से ढके विशाल पर्वत भी हैं और अंधेरी, उदास वादियां भी, यहां रफ्तार से बहती नदियां हैं जो टेढ़ेमेढ़े पहाड़ी दरों से हो कर गुजरती हैं. यहां विशाल मैदान हैं, जो सरदी में बर्फ से सफेद रहते हैं और गरमी में क्षारयुक्त, ऊसर धूल से मटमैले. पर ये सभी बंजर, न रहने योग्य और दुख से भरपूर होने के कारण एकसमान भी हैं.

हताशा के इस इलाके में कोई भी निवासी नहीं है. कभीकभार दूसरी जगह जाने के लिए पौनी या ब्लैक फुट कबीलों के जत्थे गुजरते हैं, दूसरी जगह जाने के लिए जहां शिकार आसानी से मिल जाते हैं, पर बहादुर से बहादुर भी इन मैदानों को पार कर के घास के मैदानों में अपने को पाने पर राहत की सांस लेता है. झाड़ियों में कोयोट (भेड़िया) छिपे रहते हैं, बाज भारी शरीर से हवा में उड़ता है और भूरे बालों वाला भालू अंधेरी पहाड़ी नदियों में भद्दे तरीके से चलता हुआ चट्टानों के बीच से खाना ढूंढ़ता है, इस बियाबान में यही निवासी है.

पूरे संसार में सियरा ब्लैंको के उत्तरी ढलान से ज्यादा मलिन कोई दूसरा नजारा नहीं है. जहां तक नजर जाती है, यह चपटा मैदान ही दिखाई देता है, जिस के बीच बीच में क्षार के धब्बे हैं और बौनी चप्पराल झाड़ियों के गुच्छे. क्षितिज के दूसरी ओर पर्वत चोटियों की बर्फ से ढकी हुई लंबी श्रृंखला है, इस विशाल विस्तार में जीवन का कोई चिन्ह नहीं है, न जीवन से संबंधित किसी भी चीज का नामोनिशान है. नीले आकाश में कोई चिड़िया नहीं है. मटमैली घरती पर कोई हरकत नहीं है-चाहे कोई कितना भी सुनने का प्रयत्न करे, यहां बिलकुल सन्नाटा है, इस विशाल बियाबान में आवाज की परछाई तक नहीं है; सन्नाटे के सिवा कुछ नहीं, संपूर्ण रूप से दिल डुबोने वाला सन्नाटा.

यह कहा गया है-इस विस्तार में जीवन से संबंधित कुछ भी है, पर यह बात नहीं है. सियरा ब्लैंको से नीचे देखने पर रेगिस्तान में एक पगडंडी दिखाई देती है. जो दूर जा कर कहीं खो जाती है. उस में पहियों के निशान हैं और कई साहसियों के पैरों के निशान भी हैं. इधरउधर कुछ सफेद सी चीजें पड़ी दिखाई देती हैं, जो धूप में चमकती हैं और मटमैली धूल में अलग दिखाई पड़ती हैं. उन के पास जा कर गौर से देखो, ये हड्डियां हैं: कुछ बड़ी और खुरदुरी, कुछ छोटी और नाजुक, पहली वाली हड्डियां बैलों की हैं और दूसरे तरह की हड्डियां इनसानों की. डेढ़ हजार मीलों (2,400 कि. मी.) तक इस बदनसीब कारवां का रास्ता इन्हीं छितरे अवशेषों से मालूम किया जा सकता है, जो रास्ते में घिरते गए हैं.

4 मई, 1847 को, यह दृश्य देखता एक अकेला यात्री खड़ा था. उस का स्वरूप ऐसा था, मानो वह उस इलाके का जिन्न या दानव हो. कोई भी यह अनुमान नहीं लगा सकता था कि वह चालीस वर्षों का है या साठ का. उस का चेहरा पतला और कुम्हलाया हुआ था और उस की भूरी, झुलसी हुई खाल उस की उभरी हड्डियों पर खिंची हुई थी, उस के लंबे, भूरे बाल और दाढ़ी में सफेदी झलक रही थी; उस की आंखें धंसी हुई थीं और उन में अस्वाभाविक चमक थी, उस के एक हाथ में राइफल थी. उस के हाथों में किसी ढांचे से ज्यादा चरबी नहीं थी. खड़ेखड़े उस ने सहारे के लिए अपने राइफल की टेक लगाई, पर फिर भी उस का लंबा चौड़ा डीलडौल इशारा कर रहा था कि कभी वह बड़ा फुरतीला रहा होगा, पर उस का पतला चेहरा और उस के कपड़े जो उस के शरीर पर झूल रहे थे, उसे इतना बूढ़ा दिखा रहे थे कि लग रहा था कि वह आदमी भूख और प्यास से मरने वाला है.

वह बहुत कष्ट उठा कर पहाड़ी दरें के नीचे उतर कर पानी ढूंढने का असफल प्रयास करने लगा, अब पूरा क्षारीय मैदान उस की आंखों के सामने फैला हुआ था, सामने की क्रूर पर्वत श्रृंखला पर कोई पेड़ या पौधा नजर नहीं आ रहा था, जिस से पास में कहीं पानी का आभास हो. दूरदूर तक कहीं भी उम्मीद की किरण नहीं दिखाई दे रही थी. उस ने बदहवास नजरों से उत्तर, पूरब और पश्चिम की ओर नजर दौड़ाई. फिर उसे महसूस हुआ कि उस की यात्रा का अंत हो गया है और वह उस बंजर दरें में मरने वाला है. "बीस साल बाद मुलायम बिस्तर पर मरना ही है, तो आज यहीं क्यों नहीं," एक चट्टान की छाया में बैठते हुए वह बुदबुदाया.


      बैठने से पहले उस ने अपनी बेकार राइफल जमीन पर रखी और एक सलेटी रंग के शौल में लिपटी एक बड़ी सी गठरी भी, जो उस के दाएं कंधे पर लटकी थी, उस की ताकत के हिसाब से वह बहुत भारी थी, क्योंकि उस को नीचे रखने पर वह बहुत तेजी से जमीन पर गिरी, तत्काल ही उस सलेटी गठरी में से रोने की आवाज आई और इस में से एक नन्हा सा डरा हुआ चेहरा निकला जिस की आंखें भूरी और चमकीली थीं और फिर दो छोटीछोटी मुट्ठियां भी निकली.

"तुम ने मुझे चोट पहुंचाई है?" एक बच्चे की आवाज ने शिकायत भरी आवाज में कहा.

      "क्या मुझ से ऐसा हो गया," आदमी ने क्षमा मांगते हुए कहा, "मैं ने जानबूझ कर नहीं किया था." बोलतेबोलते उस ने सलेटी शौल खोली और उस में से एक बच्ची बाहर आई, जो करीब पांच वर्ष की रही होगी. उस के प्यारे से जूते और सुंदर गुलाबी फ्रॉक दिखा रहे थे कि उस की मां ने उसे कितने प्यार से तैयार किया होगा, बच्ची पीली और कुम्हलाई थी, पर उस के हाथ और पैर स्वस्थ दिखाई दे रहे थे. लग रहा था कि उस ने अपने साथी से कम कष्ट झेले हैं.

"अब कैसी हो?" उस ने चिंता से पूछा, क्योंकि अब भी वह अपने सिर के पीछे सुनहरे बालों को रगड़ रही थी.

"इस को चूम कर ठीक कर दो," उस ने गंभीरता से अपनी चोट दिखाते हुए उस से कहा, "मां ऐसा ही करती थी. मां कहां है?"

"मां चली गई. शायद तुम भी जल्दी ही उस के पास चली जाओगी."

"गई, ओह!" बच्ची बोली, "अजीब है कि उस ने मुझ से गुडबाय भी नहीं कहा, जब वह चाय के लिए आंटियों के यहां जाती थी, तो मुझे हमेशा गुडबाय करती थी और अब तो उसे गए तीन दिन हो चुके हैं, यहां तो बड़ा सूखा है, है न? क्या पानी या कुछ खाने के लिए

नहीं है?" "नहीं, यहां कुछ भी नहीं है, डियर! तुम थोड़ी देर के लिए सब्र करो, फिर तुम ठीक हो जाओगी, अपना सिर इस तरह मुझ पर टिका लो और फिर तुम्हें बेहतर लगेगा. इस समय बोलना आसान नहीं है क्योंकि हमारे होंठ चमड़े जैसे हो रहे हैं, पर ठीक यही होगा कि मैं तुम्हें सारी बात बताऊं. यह तुम्हारे पास क्या है?" 
       "सुंदर सुंदर चीजें!" उत्साह से उस बच्ची ने कहा और अबरक के दो चमकते टुकड़े उठा कर दिखाए हम जब वापस घर जाएंगे तो मैं अपने भाई बॉब को दिखाऊंगी."

"तुम जल्दी ही इन से भी सुंदर चीजें देखोगी," आदमी ने विश्वास से कहा, "तुम बस थोडी देर देर रुक जाओ. हालांकि मैं तुम्हें बताने वाला था, तुम को याद है। थे?" जब हम नदी से चले

"ओह, हां."

"देखो, तब हम ने अंदाज लगाया था कि हमें जल्दी ही दूसरी नदी मिल जाएगी, पर कुछ गड़बड़ हो गई थी. हमारे कंपास या नक्शे में या कहीं और, नदी नहीं मिली. पानी खत्म हो गया, बस एकाच बूंद तुम जैसों के लिए और, और..."

"और तुम नहा नहीं पाए, उस की मित्र ने उस के गंदे शरीर को देखते हुए गंभीरता से टोका.

"नहीं, और न ही पीने को कुछ मिला. और मिस्टर बेंडर, जाने वालों में सब से पहले वही था. फिर इंडियन पीट और फिर मिसेज मैकग्रेगोर, फिर जॉनो हाँस और फिर बिटिया, तुम्हारी मां."

    "तो मरने वालों में मां भी शामिल है, बच्ची बोल उठी, अपनी फ्रॉक में मुंह छुपा कर तरह रोने लगी.

"हां, वे सब चले गए, मेरे और तुम्हारे अलावा, फिर मैं ने सोचा कि इस ओर पानी की कुछ उम्मीद हो सकती है, इसलिए मैं ने तुम को अपने कंधे पर उठाया और हम दोनों साथसाथ यहां तक आए. पर ऐसा नहीं लग रहा है कि हालात सुधरेंगे, अब तो हमारे पास छोटी सी भी उम्मीद नहीं है!"

"क्या आप का मतलब है कि हम भी मरने वाले हैं?" बच्ची ने अपनी सिसकियां दबाई और आंसू भरा चेहरा उठा कर पूछा.

"मेरे खयाल से ऐसा ही है."

"आप ने पहले ऐसा क्यों नहीं कहा?" खुशी से हंसते हुए उस ने पूछा, "आप ने मुझे कितना डरा दिया था. अब जब हम मरेंगे, तो हम फिर से मां के साथ होंगे." "हां, तुम मां के पास होगी, बेटी."

"और आप भी. में उन को बताऊंगी कि आप कितने अच्छे हैं. मुझे पक्का मालूम है कि वह स्वर्ग के दरवाजे पर पानी का घड़ा और गेहूं की ढेर सारी गरम और दोनों और सेंकी हुई चपातियां लिए खड़ी होगी, जो बॉब और मुझे अच्छी लगती हैं." 
      "मुझे नहीं मालूम, ज्यादा समय नहीं लगेगा." आदमी की आंखें उत्तर की ओर के क्षितिज पर टिकी थीं. आसमान के नीले मंडल में तीन छोटे बिंदु नजर आए थे, जो हर पल बढ़ते जा रहे थे और तेजी से पास आते प्रतीत हो रहे थे. जल्दी ही वे तीन बिंदु तीन बड़ी भूरी चिड़ियों में बदल गए, जो इन दो यात्रियों के सिरों के ऊपर मंडराने लगीं और फिर ऊपर के कुछ चट्टानों पर बैठ गईं, ये थीं बजर्ड, यानी पश्चिम के गिद्ध, जिन का प्रकट होना मौत का सूचक है.

"मुरगे और मुरगियां," उन के मृत्यु सूचक आकार को देख कर बच्ची खुशी से चिल्ला पड़ी और तालियां बजा कर उन को उठाने की कोशिश करने लगी. "कहो, क्या भगवान ने यह जगह बनाई है?"

"हां, बनाई तो है." उस के साथी ने इस अप्रत्याशित सवाल पर चौकते हुए कहा.

"भगवान ने इलिनोयस बनाया और उस ने मिसूरी भी बनाई," लड़की आगे बोली, "मुझे लगता है कि यह जगह किसी और ने बनाई है, यह जगह उन जगहों की तरह सुंदर नहीं है. यहां पर वे लोग पानी और पेड़ बनाना भूल गए हैं."

     "तुम प्रार्थना क्यों नहीं कर रही?" आदमी ने झिझक से पूछा. 
    "अभी रात नहीं हुई है," उस ने जवाब दिया.

"इस से कोई फर्क नहीं पड़ता. ऐसा आमतौर पर नहीं होता, पर ईश्वर इस का बुरा नहीं मानेगा, तुम अपनी वही प्रार्थनाएं करो जो तुम हर रात अपने वैगन में करती थी, जब हम मैदान में थे."

   "तुम खुद घोड़ी प्रार्थना क्यों नहीं करते?" बच्ची ने अचरज भरी नजरों से पूछा,

    "मैं उन को भूल गया हूं," उस ने जवाब दिया, "मैं ने तब से पूजा नहीं की है जब से में इस राइफल के आधे नाप का था. पर मुझे लगता है कि किसी भी काम के लिए कभी भी 'बहुत देर हो गई' नहीं समझना चाहिए, तुम अपनी प्रार्थनाएं गाओ और मैं यहां खड़ा हो कर तुम्हारे पीछेपीछे दोहराता रहूंगा."

    "फिर तो तुम्हें घुटनों के बल बैठना होगा, और मुझे भी," वह इस काम के लिए अपना शौल बिछाते हुए बोली, "तुम को अपने हाथ इस तरह उठाने हैं. इस से तुम को अच्छा महसूस होगा,"

     बड़ा विचित्र नजारा था, परंतु वहां गिद्धों के अलावा और कोई भी देखने वाला नहीं था. पतली सी शील पर दोनों यात्री बैठे थे, छोटी सी बातूनी बच्ची बेपरवाह, कठोर और साहसी, उस का गोलमटोल चेहरा और उस के कठोर, पतले नाकनक्श, बादलरहित आसमान की ओर उठे, दिल से फरियाद कर रहे थे, उस भगवान से जिस से सभी प्राणी डरते हैं, जबकि दोनों आवाजें एक पतली और स्पष्ट, दूसरी भारी और कठोर, मिल कर दया और माफी की भीख मांग रही थीं. प्रार्थना खत्म हुई और वे वापस चट्टान की छाया में जा कर बैठ गए,

    फिर बच्ची अपने रक्षक के सीने पर सिर रख कर सो गई. थोड़ी देर वह उसे सोता हुआ देखता रहा, पर प्रकृति उस से अधिक बलवान थी, तीन दिन और तीन रातों तक वह न सोया और न आराम किया, धीरेधीरे उस की पलकें उस की थकी हुई आंखों पर मुंद गई और सिर धीरेधीरे सीने पर झुकता गया और आदमी की सफेद काली दाढ़ी बच्ची की सुनहरी लटों से मिल गई और दोनों एक समान गहरी और स्वप्नरहित नींद सोते रहे.

     यदि यात्री आधे घंटे तक और जगा रहता, तो उस की आंखों को एक अजीब नजारा देखने को मिलता, क्षारीय मैदान के अंतिम छोर पर हलकी सी धूल उड़ी, जो पहले इतनी हलकी थी कि दूर का कोहरा लग रही थी, पर धीरेधीरे यह धूल ऊंची और चौड़ी होती गई और एक ठोस, स्पष्ट बादल बन गई. यह बादल आकार में बढ़ता गया और फिर यह साफ हो गया कि यह गुबार बहुत सारे प्राणियों के एक साथ चलने से उठा है.

     अन्य किसी उपजाऊ जगह में देखने वाले को लगता जंगली भैंसों का विशाल झुंड घास के मैदानों में चरने आ रहा है, पर इस बंजर रेगिस्तान में इस की संभावना बिलकुल नहीं थी, जैसेजैसे वह धूल का गुबार उस चट्टान तक आ पहुंचा, जहां वे दोनों सो रहे थे, तो धूल में से कैनवस ढकी गाड़ियां और सशस्त्र घुड़सवार दिखाई पड़ने लगे और फिर पता चला कि यह पश्चिम की ओर जाता हुआ कोई विशाल कारवां है. पर क्या कारवां था। जब उस का एक सिरा पहाड़ की तलहटी पर पहुंच गया, तो भी दूसरा सिरा क्षितिज में दिखाई तक नहीं पड़ रहा था. उस विशाल मैदान में गाड़ियां, घुड़सवार और पैदल लोग धीरेधीरे चले आ रहे थे. बहुत सी औरतें अपनेअपने बोझों को संभालती लड़खड़ाती आ रही थीं और बच्चे उन गाड़ियों के साथसाथ या तो पैदल दौड रहे थे या सफेद परदों में से झांक रहे थे. यह इस देश से दूसरे देश तक जाने वाले कोई साधारण लोग नहीं थे,

     ये कोई खानाबदोश थे जो परिस्थितियों की मार खा कर किसी नई जगह की खोज में निकलने को मजबूर हुए थे. साफ माहौल में इनसानों के इस विशाल सागर की परेशान बदहवास आवाजें गूंज रही थीं, पहिए चरमरा रहे थे और घोड़े हिनहिना रहे थे. वे आवाजें तेज जरूर थीं, पर इतनी तेज नहीं हो पाई कि ऊपर सो रहे दोनों यात्रियों को जगा सकें.
        पंक्ति के शुरू में बीस या इस से कुछ ज्यादा, गंभीर, कठोर चेहरों वाले, हाथ से काते गए साधारण कपड़े पहने और राइफल हाथ में लिए घुड़सवार थे. चट्टान की तलहटी पर पहुंच कर वे रुके और आपस में सलाहमशविरा करने लगे.
       "कुएं दाईं ओर हैं, मेरे भाइयो," भिंचे होंठ अधपके बालों वाले एक आदमी ने कहा, जिस की दाढ़ीमूंछ नहीं थीं.

     "सियरा ब्लैंको के दाईं ओर जिस से हम रियो ग्रैंडे पहुंच सकते हैं." दूसरा बोला, "पानी की चिंता मत करो" एक तीसरा बोला, "वह जो चट्टानों से पानी निकाल सकता है,अपने प्रिय भक्तों को ऐसे ही नहीं छोड़ देगा." 
   "आमीन, आमीन!" पूरी पार्टी में प्रतिक्रिया हुई.

     वे अपनी यात्रा शुरू करने ही वाले थे कि उन में सब से छोटों में एक तीव्र दृष्टि वाला अचानक चिल्ला उठा और उस ने ऊपर की चट्टान की ओर इशारा किया, चट्टान की चोटी पर, गुलाबी सा कुछ बदरंग चट्टानों के बीच चमक रहा था. उस को देखते ही घोड़ों की लगामें कसी गईं और बंदूकें तन गईं और ताजा घुड़सवार आगे बढ़ने लगे, हर होंठ पर 'रेडस्किन' शब्द चढ़ा था.

     "यहां पर बहुत ज्यादा अमेरिकन भारतीय नहीं हो सकते, बुजुर्ग आदमी ने कहा जो नेतृत्व कर रहा था. हम पौनियों को पार कर आए हैं और विशाल पर्वतों को पार कर लेने तक कोई और कबीले नहीं पड़ते."

     "क्या में आगे जा कर देखें, ब्रदर स्टेजरसन, जत्थे में से एक ने कहा,
      "और में," "और में," दरजनों आवाजें बोल पड़ीं ."अपने घोड़े नीचे छोड़ जाओ, और हम यहीं पर तुम्हारा इंतजार करेंगे, बुजुर्ग ने जवाब दिया, पलभर में वे युवक अपने घोड़ों से नीचे उतरे, घोड़ों को बांधा और खतरनाक ढलान पर ऊपर चढ़ने लगे. उस चीज की ओर जिस की ओर उन का कौतूहल जागा था. वे शीघ्रता और चुपके से आगे बढ़ रहे थे और उन के आत्मविश्वास और निपुणता को देख कर लग रहा था मानो तजुर्बेकार स्काउट हॉ. नीचे खड़े दर्शक देख सकते थे कि कैसे वे एक चट्टान से दूसरी चट्टान की और छलांग लगा रहे थे. फिर उन की आकृतियां ऊपर नजर आने लगीं. वह युवक जिस ने सब का ध्यान आकर्षित किया था, उन का नेतृत्व कर रहा था. अचानक उस के पीछे चलने वालों ने देखा कि उस ने अचरज से हाथ उठा दिए और उस के पास पहुंचने पर वे भी उस दृश्य से उसी तरह प्रभावित हुए.

     बंजर पहाड़ के एक छोटे से पठार पर एक बहुत बड़ी चट्टान थी और इस चट्टान के सहारे एक लंबा, लंबी दाढ़ी और कठोर नाकनक्श वाला, पर बेहद कमजोर आदमी लेटा है. उस का शांत चेहरा और नियमित सांसें बता रही थी कि वह गहरी नींद में सो रहा है. उस के करीब ही एक नन्ही बच्ची थी, जिस के गोल, सफेद हाथ आदमी के भूरे गले में लिपटे थे और सुनहरे बालों वाला उस का सिर उस के शनील के कुरते की छाती पर टिका था. उस के गुलाबी होंठ खुले थे जिस के अंदर से उस के दूधिया सफेद दांत चमक रहे थे और उस के मासूम चेहरे पर एक चंचल मुसकान थी, उस के गबदू से सफेद पैर, जिन में वह सफेद मोजे और चमकीले बकल वाले साफ जूते पहने थी, उस के साथी के मुरझाए अंगों से मेल नहीं खा रहे थे. इस चढ़ान के ऊपर तीन गंभीर गिद्ध थे, जो नवागंतुकों को देख कर निराशा से चीत्कार करते, बेमन से वहां से उड़ गए.

     उन घिनौने पक्षियों के शोरगुल से दोनों सोने वाले जाग गए और बदहवास से इधरउधर ताकने लगे, आदमी लड़खड़ाता हुआ अपने पैरों पर खड़ा हुआ और नीचे मैदान की देखने लगा जो उस वक्त बिलकुल खाली था जब वह सोया था और अब वह आदमी, औरतों और जानवरों से भरा था. उस के चेहरे पर अविश्वास का भाव झलकने लगा और उस ने अपना हड्डी जैसा हाथ आंखों पर फेरा, "इसी को शायद अवसाद कहते हैं," वह बुदबुदाया, बच्ची उस के कोट का निचला हिस्सा पकड़े उस के पास खड़ी थी. वह कुछ नहीं बोली, पर बचपन की प्रश्नवाचक, कौतूहल भरी दृष्टि से चारों तरफ देखती रही.

     बचाव पक्ष जल्दी ही दोनों भटके हुए यात्रियों को आश्वस्त करने में सफल हो गया कि वे लोग वास्तव में वहां हैं, कोई भ्रम नहीं है. उन में से एक ने बच्ची को उठा कर अपने कंधों पर बैठा लिया जबकि दो अन्यों ने उस के कमजोर साथी को सहारा दिया और दोनों को गाड़ियों की ओर ले कर चले.

    "मेरा नाम जॉन फेरियर है," यात्री ने बताया, मैं और यह नन्ही बच्ची ही इक्कीस लोगों के जत्थे में जिंदा बच्चे हैं. बाकी सब भूख और प्यास से मर चुके हैं."
     "क्या यह तुम्हारी बच्ची है?" किसी ने पूछा, "मुझे लगता है कि शायद यह अब मेरी हो गई है," दूसरे ने कहा, "यह मेरी है क्योंकि मैं ने इसे बचाया है. कोई भी इसे मुझ से अलग नहीं कर सकता, आज के बाद यह लूसी फेरियर है, पर आप लोग कौन हैं?"

     कौतूहल से उन बचाने वालों की ओर नजर डालता हुआ वह बोला, "ऐसा लगता है कि तुम लोग संख्या में काफी हो."

    "लगभग दस हजार," एक युवक बोला, "हम प्रभु की संतान हैं, फरिश्ते मेरोना के प्रिय."

     "मैं ने कभी इन का नाम नहीं सुना," यात्री बोला, "ऐसा लगता है कि उस प्रभु ने काफी बड़ी भीड़ को चुना है."

    "जो पवित्र है, उस का मजाक मत उड़ाओ," दूसरे ने सख्ती से कहा, "हम उन में से हैं, जो उन पवित्र ग्रंथों में विश्वास रखते हैं, जो मिस्र की लिपि में सोने की पतलीपतली प्लेटों पर लिखी गई हैं. जो जोजफ स्मिथ को पामीरा में सौंपी गई थीं. हम नौवू से आए हैं, जो इलिनोयस प्रदेश में है, जहां हम ने अपने मंदिर की स्थापना की है. हम हिंसक आदमी और नास्तिकों से भाग कर यहां शरण लेने आए हैं, जबकि यह रेगिस्तान के बीचोंबीच है.
  " जॉन फेरियर के मन में नौवू का नाम सुनते ही कई यादें ताजा हो गईं, "अच्छा," वह बोला,               

    "तुम मॉरमॉन लोग हो." "हम मॉरमॉन ही हैं," बाकी लोग एक स्वर में बोले. "और तुम कहां जा रहे हो?"

     "हम को नहीं मालूम, हमारे पैगंबर के रूप में प्रभु का हाथ हमें कहीं ले जा रहा है. तुम को उस के सामने आना पड़ेगा, वही बताएगा कि तुम्हारे साथ क्या करना होगा."

     इस समय तक वे पहाड़ की तलहटी पर पहुंच चुके थे और यात्रियों से घिर गए-पीले चेहरों वाली सहमी सी औरतें, तंदुरुस्त, खिलखिलाते बच्चे और चिंतित, चौकन्नी नजरों वाले पुरुष, उन के बीच से अचरज और करुणा के अनेक स्वर उभरे, जब उन्होंने एक अजनबी की नाजुक उमर देखी और दूसरे की लाचारी, पर उन को यहां तक लाने वाले रुके नहीं, भीड़ को ठेलते आगे बढ़ते गए, उन के पीछे पीछे मॉरमॉनों की भीड़ चली.

     वे एक गाड़ी तक पहुंचे, जो अपने विशाल आकार, चटकीले रंग और खूबसूरती की वजह से स्पष्ट नजर आ रही थी. उस पर छह घोड़े जुते थे, जबकि दूसरी गाड़ियों में दो या ज्यादा से ज्यादा चार घोड़े जुते थे. गाड़ीवान के पास एक आदमी बैठा था, जो उमर में तीस साल से ज्यादा का नहीं रहा होगा, पर उस का बड़ा सा सिर और दृढ़ भाव दिखा रहे थे कि वही इन सब का सरदार है. वह कत्थई रंग की कोई किताब पढ़ रहा था, जब भीड़ उस के पास पहुंची, उस ने वह किताब एक तरफ रख दी और ध्यान से सारी घटना सुनने लगा फिर वह उन भटके हुए यात्रियों की ओर मुड़ा.

     "अगर हम तुम को अपने साथ ले जाते हैं, गंभीर शब्दों में उस ने कहा, "तो सिर्फ हमारे धर्म को मानने वालों के रूप में ही, हम अपने बीच भेड़िए नहीं रख सकते. बेहतर होगा कि तुम्हारी हड्डियां इस बियाबान में सूखें, बजाए इस के कि तुम वह सड़ांध बनो जो समय के साथ सारे फल को सड़ा देता है. क्या तुम इन शर्तों पर हमारे साथ आना चाहोगे?"

     "मैं सोचता हूं कि मैं किसी भी शर्त पर आप के साथ चलने को तैयार हूं, फेरियर ने इतना जोर दे कर कहा कि गंभीर मुद्रा वाले बुजुर्ग बिना मुसकाए नहीं रह सका. सिर्फ सरदार अपनी गंभीरता का भाव मुंह पर ओढ़े रहा.

     "इस को कबूल कर लो, ब्रदर स्टेंजरसन!" उस ने कहा. "इस को खाना और पानी दो और बच्ची को भी. तुम्हारा काम यह भी है कि तुम अपनी जाति के पवित्र तौरतरीके इस को सिखाओ. हम पहले ही काफी देर कर चुके हैं. आगे बढ़ो! जियोन की ओर, जियोन की ओर!"

     "जियोन की ओर, जियोन की ओर!" मॉरमॉनों की भीड़ चिल्लाई और पूरे कारवां में ये शब्द लहर की तरह उठे, एक मुंह से दूसरे मुंह तक और आखिर में बहुत दूरी पर एक फुसफुसाहट बन कर रह गए, चाबुक तन गए और पहिए चरमराने लगे. बड़ीबड़ी गाड़ियां चल पड़ीं और पूरा कारवां एक बार फिर से हरकत में आ गया. जिस बुजुर्ग के सुपुर्द दोनों कमजोर प्राणी किए गए थे, वह अपने कारवां में उन को ले गया, जहां उन के लिए भोजन पहले से ही तैयार रखा था.

    "तुम यहां पर रहोगे," वह बोला, "कुछ ही दिनों में तुम्हारी थकान उतर जाएगी. फिलहाल याद रखना कि अब और हमेशा के लिए तुम हमारे धर्म के हो. ब्रिगहम यंग ने कह दिया है और उस ने जोजफ स्मिथ की आवाज में कहा है, जो प्रभु की आवाज है."

Saturday, December 30, 2023

अंधेरे में रोशनी \ ए स्टडी इन स्कार्लेट - सर आर्थर कॉनन डॉयल

  लेस्ट्रेड ने जो जानकारी दी, वह इतनी अप्रत्याशित थी कि हम तीनों ही स्तब्ध रह गए. ग्रेगसन अपनी कुरसी से उछल पड़ा. उस ने अपनी ह्विस्की और पानी को गिरा दिया. में चुपचाप देखता रहा शरलॉक होम्स को, जिस के होंठ भिंचे हुए थे और भौहें तनी हुई थीं.

"स्टेंजरसन भी!" वह बुदबुदाया. "रहस्य गहराता जा रहा है."

"पहले ही काफी गहरा था," कुरसी लेते हुए लेस्ट्रेड बड़बड़ाया, "ऐसा लगता है कि मैं

किसी युद्ध में फंस गया हूं."

"इस जानकारी के बारे में तुम को पूरा यकीन है?" ग्रेगसन हकलाया. "में अभीअभी उस के कमरे से आया हूं, लेस्ट्रेड बोला, "इस घटना को देखने वाला

पहला आदमी में ही था." "हम अब तक इस मामले में ग्रेगसन का नजरिया सुनते आए हैं," होम्स ने कहा,

"अगर तुम्हें आपत्ति न हो तो हमें बता सकते हो कि तुम ने क्या देखा और क्या किया?" "मुझे कोई आपत्ति नहीं है," बैठते हुए लेस्ट्रेड ने जवाब दिया, "मैं कबूल करता हूं कि मेरी राय थी कि ट्रेबर की मौत से स्टेंजरसन का वास्ता था, पर इस नई घटना ने मुझे दिखा दिया है कि में पूरी तरह गलत था. इसी एक विचार से भरा में यह ढूंढने निकला था कि सेक्रेटरी का क्या हुआ, तीन तारीख की शाम को करीब साढ़े आठ बजे उन दोनों को यूस्टन स्टेशन पर इकट्ठे देखा गया था. दो बजे सुबह ट्रेबर को ब्रिक्सटन रोड पर पाया गया था.

"मेरे सामने यह सवाल था कि साढ़े आठ बजे से ले कर कत्ल के वक्त तक स्टेंजरसन कहां था और बाद में उस का क्या हुआ. मैं ने लिवरपूल तार भेजा, उस आदमी के वर्णन के साथ और उन को चेतावनी दी कि अमरीकी नावों पर नजर रखें, फिर मैं ने यूस्टन के आसपास के सारे होटलों और धर्मशालाओं में पता किया, आप देखें, मेरा यह तर्क था कि अगर डेबर और उस का साथी अलगअलग हो गए, तो उस का साथी स्वाभाविक तौर पर रात में रहने के लिए नजदीक ही कोई जगह ढूंढ़ता, जिस से सवेरे फिर आसानी से स्टेशन पहुंच सके."

"उन्होंने शायद पहले ही कोई मिलने की जगह तय कर ली होगी." होम्स ने टिप्पणी की.

यही साबित हुआ. मैं ने कल की पूरी शाम छानबीन में गंवा दी, पर कोई फायदा नहीं हुआ. आज सुबह में बहुत जल्दी काम पर लग गया और आठ बजे हैलीडे प्राइवेट होटल पहुंच गया जो लिटल जार्ज स्ट्रीट पर है, मेरे पूछने पर कि क्या वहां कोई मिस्टर स्ट्रेंजरसन रह रहा है, उन्होंने तुरंत हामी भरी.

"इस में कोई शक नहीं कि आप ही वह सज्जन हैं, जिस की वह उम्मीद कर रहे थे." वह बोला, "वह दो दिनों से किसी का इंतजार कर रहा है."

"अब वह कहां है?" मैं ने पूछा.

"वह ऊपर अपने बिस्तर में है. उस ने नौ बजे उठाए जाने की मांग की थी."

  "मैं ऊपर जा कर तुरंत उस से मिलूंगा," मैं ने कहा,

" "मुझे लगा कि मेरे अचानक पहुंचने पर वह घबरा जाएगा और बगैर सोचे समझे कुछ कह डालेगा, उन लोगों ने मुझे उस के कमरे तक ले जाना स्वीकार कर लिया. वह दूसरी मंजिल पर था और वहां तक पहुंचने के लिए एक छोटा सा गलियारा था. लड़के ने कमरे के दरवाजे की ओर इशारा किया और नीचे वापस जाने को था कि में ने कुछ ऐसा देखा कि में चकरा गया, जबकि मुझे बीस सालों का तजुरबा है. दरवाजे के नीचे से खून की लकीर बह रही थी जो दूसरी तरफ तक फैल गई थी. मैं चिल्ला पड़ा, जिस से वह लड़का वापस दौड़ आया. उस ने जब यह देखा, तो लगभग बेहोश हो गया.

"दरवाजा अंदर से बंद था, पर हम ने अपने कंधों से जोर लगा कर दरवाजा खोल दिया. कमरे की खिड़की खुली हुई थी और खिड़की के पास एक आदमी की लाश नाइट सूट में मुड़ी हुई पड़ी थी, वह बिलकुल मरा हुआ था. वह कुछ समय से मरा पड़ा था, क्योंकि उस के हाथपैर ऐंठ कर ठंडे पड़ चुके थे, जब उस को पलटा, तो लड़के ने फौरन उसे पहचान लिया कि यह वही सज्जन है, जिस जोजफ स्टेजरसन के नाम से कमरा बुक किया था, मौत की वजह थी बाई और छुरे का गहरा जख्म, जो शायद दिल तक पहुंच गया था. उस केस की सब से अजीब बात मारे गए आदमी के ऊपर तुम्हारे खपाल से क्या ?"

मेरे रोमरोम में झनझनाहट और आगे आने वाली भयानकता का पूर्वाभास हो चुका था, इस के पहले कि शरलॉक होम्स जवाब देता.

"खून के अक्षरों में 'रेशे' शब्द लिखा हुआ था." वह बोला.

"वही था," लेस्ट्रेड ने प्रशंसा भरी आवाज में कहा और कुछ देर के लिए हम सब चुप रह गए.

"इस अनजान हमलावर की करतूतों में कुछ ऐसा ढर्रा था जो समझ के बाहर था कि अपराधों में नई जघन्यता नजर आने लगी, मेरा दिल, जो युद्ध के मैदान में मजबूत बना रहा, अब घबरा उठा था."

      लेस्ट्रेड ने आगे कहा, "उस आदमी को देखा गया था. एक दूध वाला होटल के पीछे की गली से गुजर कर अपनी डेयरी की ओर जा रहा था. उस ने गौर किया कि एक सीढ़ी जो अकसर वहां पड़ी रहती थी, दूसरी मंजिल की एक खिड़की से लगी थी, जो पूरी तरह खुली हुई थी. वहां से गुजरने के बाद उस ने पीछे मुड़ कर देखा. उस ने देखा कि एक आदमी सीढ़ी से नीचे उतर रहा है. वह इतने धीरे और आराम से नीचे आया कि लड़के ने सोचा कि वह होटल में काम करने वाला कोई बढ़ई या कुछ होगा,

     "उस ने उस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया. उस ने सोचा कि अभी काम शुरू करने का समय नहीं हुआ है. उस का खयाल है कि वह आदमी लंबा था, चेहरा लाल था और उस ने लंबा सा भूरे रंग का कोट पहना था. वह हत्या के कुछ समय बाद तक कमरे में रुका रहा होगा. क्योंकि हम ने बेसिन में खून से सना पानी देखा था, जहां उस ने हाथ धोए थे और चादरों पर निशान, जिन पर उस ने जानबूझ कर छुरा पोंछा था."    
     हत्यारे का वर्णन सुन कर मैंने होम्स की ओर देखा, क्योंकि वह बिलकुल उस के द्वारा दिए गए वर्णन से मेल खाता था. फिर भी, उस के चेहरे पर खुशी या संतोष की कोई झलक नहीं थी.

"क्या तुम ने कमरे में ऐसा कुछ नहीं पाया, जो हत्या का सुराग दे सके?" उस ने पूछा. "कुछ नहीं, स्टेजरसन की जेब में डेबर का पर्स था. पर यह कोई खास बात नहीं थी

क्योंकि सारे खर्च वही देता था. उस में लगभग अस्सी पाउंड थे, पर कुछ भी चुराया नहीं गया था, इन अजीब अपराधों के पीछे जो भी कारण हो, पर इस के पीछे लूटपाट की मंशा बिलकुल भी नहीं है. मारे गए आदमी की जेब में कोई कागजात वगैरह नहीं थे. बस, महीने भर पहले क्लीवलैंड से भेजा गया तार था जिस पर लिखा था, 'जे. एच. यूरोप में है.' इस संदेश के नीचे कोई नाम नहीं था."

"और इस के सिवा कुछ भी नहीं था. ज्यादा महत्व का कुछ भी नहीं था. उस का उपन्यास जो उस ने रात में सोने से पहले पढ़ा था, बिस्तर पर पड़ा था और पास की कुरसी पर उस का पाइप पड़ा था, मेज पर पानी का एक गिलास रखा था और खिड़की पर एक छोटी सी दवाई की डिबिया, जिस में दो गोलियां थीं."

शरलॉक होम्स खुशी जाहिर करता हुआ अपनी कुरसी से उछल पड़ा.

"आखिरी कड़ी," विजयी भाव से वह चिल्लाया, "मेरा केस पूरा हो गया है."

दोनों जासूस चकित से उस को देखते रह गए,

"अब मेरे हाथों में," मेरे साथी ने पूरे विश्वास से कहा, "इस उलझी हुई गुत्थी के सारे धागे हैं. यह जरूर है कि अभी भी कई बातें विस्तार से जाननी होगी, पर स्टेशन पर ट्रेबर का स्टेंजरसन के अलग होने से ले कर उस की लाश पाए जाने तक के सारे घटनाक्रम के बारे में मैं इतना आश्वस्त हूं, मानो सारी बातें मेरी आंखों के सामने हुई हो. मैं अपनी जानकारी का सबूत देता हूं. क्या तुम उन गोलियों को अपने साथ ला पाए?"

"मेरे पास हैं," लेस्ट्रेड ने एक छोटी सी सफेद डिबिया देते हुए कहा, "मैं ने ये गोलियां, पर्स, टेलीग्राम अपने पास रख लिए, इस खयाल से कि पुलिस स्टेशन में हिफाजत से रखवा दूंगा, ये गोलियां तो मैं ने यूं ही रख ली थीं क्योंकि मैं कहना चाहूंगा कि मैं इन को बिलकुल भी महत्त्वपूर्ण नहीं समझता," "इन को यहां दो," होम्स ने कहा. "अब डाक्टर," उस ने मेरी ओर मुड़ कर कहा,

"क्या ये साधारण गोलियां हैं?" सचमुच में वे गोलियां साधारण नहीं थीं. वे मोतिया सलेटी रंग की थीं, छोटी, गोल और रोशनी में बिलकुल पारदर्शी, "इन के हलकेपन और पारदर्शिता से में अनुमान लगा सकता हूं कि ये पानी में घुल जाती होंगी," मैं ने टिप्पणी की.

"बिलकूल," होम्स ने जवाब दिया, "अब क्या तुम नीचे जा कर उस छोटे कुत्ते को लाओगे, जो इतने दिनों से बीमार है और मकान मालकिन कल जिस को चाह रही थी कि तुम उसे हमेशा के लिए सुता दो."

मैं नीचे गया और गोद में उस कुत्ते को ऊपर ले आया, उस की उखडती सांसें और भावरहित आंखें दिखा रही थीं कि उस का अंत दूर नहीं है, बल्कि उस का बर्फ सा सफेद मुंह दिखा रहा था कि वह अपनी आयु पूरी कर चुका है. मैं ने उसे दरी पर पड़ी गद्दी पर रख दिया.

"अब इन में से एक गोली के मैं दो हिस्से करता हूँ" होम्स ने कहा और अपना चाकू निकालते हुए उस ने यही किया. "एक आधा हिस्सा हम भविष्य के लिए संभाल कर डिबिया में वापस रखेंगे, दूसरा आधा में इस शराब के गिलास में डालता हूं. जिस में चम्मच भर पानी है. तुम देखो कि हमारा डाक्टर मित्र सही है, यह गोली आसानी से पानी में घुल गई है."

"यह तो काफी दिलचस्प बात है, लेस्ट्रेड ने ऐसे आहत स्वर में कहा मानो उस का मजाक उड़ाया गया हो. "पर फिर भी मुझे यह समझ में नहीं आ रहा है कि इस का मिस्टर जोजफ एंडरसन की मौत से क्या वास्ता है?"

    "धीरज, मेरे दोस्त, धीरज! समय के साथ तुम देखोगे कि गोलियों का उस की मौत से पूरा वास्ता है. अब मैं उस को पीने लायक बनाने के लिए थोड़ा सा दूध मिला देता हूं और कुत्ते के सामने रखने पर हम पाएंगे कि वह इसे जल्दी से पी जाएगा," 
    बोलतेबोलते उस ने शराब के गिलास के पानी को कुत्ते के बरतन में डाल दिया और कुत्ते के सामने रख दिया, जिस ने उसे पूरी तरह लपलप कर के पी डाला, शरलॉक होम्स की उत्सुकता से हमें उस पर विश्वास हो गया था और हम चुपचाप बैठे रहे, जानवर को गौर से देखते हुए तथा किसी अद्भुत होनी की उम्मीद लिए, पर ऐसा कुछ नहीं हुआ. कुत्ता गद्दी पर लेटा रहा, मुश्किल से सांस लेता हुआ पर उस की हालत न सुधरी, न बिगड़ी.

      होम्स ने अपनी घड़ी निकाली और जैसेजैसे बगैर परिणाम के मिनट पर मिनट बीतते गए, उस के चेहरे पर निराशा और खीज दिखाई पड़ने लगी, उस ने होंठ चबाने शुरू कर दिए, मेज पर अंगुलियां बजाने लगा और उस में तीव्र बेसब्री के सारे लक्षण दिखने लगा. वह इतना विह्वल हो रहा था कि मुझे उस के प्रति दिल से सहानुभूति हो गई, जबकि दोनों जासूस मजाक उड़ाते मुसकराने लगे और शरलॉक होम्स की इस मात पर उन्हें बिलकुल तकलीफ नहीं हुई.

"ऐसा नहीं हो सकता," आखिर में अपनी कुरसी से लपक कर कमरे में तेजी से चक्कर काटते वह बोला, "यह असंभव है कि ऐसा हुआ हो, वही गोलियां जिन पर ड्रेबर के मामले में मुझे शक था, अब स्टेंजरसन की मौत के बाद भी मिली हैं और फिर भी ये नाकाम हैं. इस का क्या मतलब हो सकता है? मेरी तर्क की पूरी कड़ी गलत नहीं हो सकती, यह नामुमकिन है! और फिर भी यह बेचारा कुत्ता ज्यों का त्यों है. आह! मुझे समझ में आ गया! समझ में आ गया। खुशी से किलकते हुए वह डिबिया की ओर जल्दी से बढ़ा, दूसरी गोली को दो भागों में बांट कर घोला, उस में दूध मिलाया और कुत्ते के सामने रख दिया. उस बदनसीब जीव की जीभ अभी तर भी नहीं हुई थी कि उस के हर अंग में झटके आने लगे और वह ऐसे निर्जीव हो गया, मानो उस पर बिजली गिर गई हो."

"शरलॉक होम्स ने एक लंबी सांस खींची और माथे से पसीना पोंछा. "मुझे थोड़ा और विश्वास रखना चाहिए," वह बोला, "इस समय तक मुझे मालूम होना चाहिए कि जब कोई तथ्य तकों की लंबी कड़ी के विरुद्ध जा रहा हो, इस का मतलब यही हो सकता है कि इस की कोई और वजह होगी. डिबिया में रखी दोनों गोलियों में एक बिलकुल भी हानिकारक नहीं थी, जबकि दूसरी में घातक विष था. डिबिया देखने से पहले ही मुझे यह बात मालूम होनी चाहिए थी."

उस का यह अंतिम वाक्य मुझे इतना चौंकाने वाला लगा कि मुझे विश्वास करना मुश्किल लग रहा था कि वह अपने होशोहवास में है. परंतु वहां पर मरा हुआ कुत्ता भी था, जो साबित कर रहा था कि उस का अनुमान ठीक था. मुझे लगा कि मेरे मन का धुंधलका छंट रहा था. सत्य का मुझे कुछकुछ एहसास होने लगा था.

"यह सब तुम को अजीब लग रहा है," होम्स बोलता गया, "क्योंकि जांच शुरू करने से पहले तुम उस एकमात्र असली सुराग का महत्त्व समझने में असफल रहे, जो तुम्हारे सामने धा, पर मैं ने वह सुराग पकड़ लिया और तब से अब तक जो कुछ भी हुआ है, उस से मेरे शुरुआती अंदेशे को तूल मिला है. इसलिए जिन बातों ने तुम लोगों को उलझन में डाला है और मामले को पेचीदा बनाया है, उन बातों ने मेरे निष्कर्षों को मजबूत किया है. अजीब बातों को रहस्य का नाम देना गलत है. सब से आम अपराध कभीकभी सब से बढ़ा रहस्यमय होता है क्योंकि वह कोई भी ऐसे नए या विशेष आयाम नहीं प्रस्तुत करता, जिस से गलत निष्कर्ष निकाला जा सके. यह हत्या सुलझाना तब ज्यादा मुश्किल होता अगर मृतक किसी आम रास्ते पर पड़ा मिलता, बगैर किसी तामझाम के जिन की वजह से यह मुद्दा इतना असाधारण दिख रहा है. अजीब बातों ने मामले को कठिन बनाने की बजाए आसान कर दिया है."

   मिस्टर ग्रेगसन जो बेसब्री से यह सब सुन रहा था, अब अपने को रोक नहीं सका,

"देखो, मिस्टर शरलॉक होम्स," उस ने कहा, "हम सब यह मानने को तैयार हैं कि तुम बहुत होशियार हो और काम करने का तुम्हारा एक खास तरीका है, पर अभी हम तुम्हारा भाषण सुनने के लिए तैयार नहीं हैं. यहां तो खूनी को पकड़ने का मामला है. मैं ने केस सुलझा लिया था. पर ऐसा लगता है कि मैं गलत था. युवक शारपेंटियर इस दूसरे मामले में शामिल नहीं हुआ होगा, लेस्ट्रेड उस व्यक्ति स्टेंजरसन के पीछे गया और ऐसा लगता है कि वह भी गलत था. यहां तुम ने कुछ सुराग हमारे सामने रखे हैं और लगता है कि तुम हम से ज्यादा जानते हो. पर अब समय आ गया है जब हम महसूस करते हैं कि हमें सीधे यह पूछने का हक है कि तुम घटना के बारे में कितना जानते हो, क्या तुम उस आदमी का नाम बता सकते हो, जिस ने यह किया है?"
    "मुझे भी लगता है कि ग्रेगसन ठीक कह रहा है, सर, लेस्ट्रेड ने टिप्पणी की. "हम दोनों ने कोशिश की और हम दोनों असफल रहे. आप ने एक से ज्यादा बार कहा है, जब से मैं इस कमरे में हूं कि आप के पास वे सारे सबूत हैं जिन की आप को जरूरत है. हम चाहते हैं कि आप इस बात को अपने तक सीमित न रखें."     
    "हत्यारे को पकड़ने में कोई भी देरी," में ने कहा, "उस को कोई नया जुल्म करने का अवसर देगी."

इस तरह हम सब के जोर देने पर होम्स थोड़ा डिगा, वह कमरे में इधरउधर चहलकदमी करता रहा. उस का सिर छाती तक झुका हुआ और भौहें तनी हुई लग रही थीं, जैसी उस की आदत थी, जब वह खयालों में खोया होता था.

"अब और कोई हत्या नहीं होगी, आखिर में अचानक रुक कर हमारी और मुड़ कर वह बोला. "इस अंदेशे का सवाल ही नहीं है. तुम ने पूछा है कि क्या मैं हत्यारे का नाम जानता हूं. मैं जानता हूं, फिर भी सिर्फ नाम जान लेना मामूली बात है. उस को पकड़ लेना असली काम है, मुझे पूरी उम्मीद है कि हम जल्दी ही ऐसा कर सकेंगे, मुझे पूरी आशा है कि मैं अपने ही इंतजाम से ऐसा कर लूंगा, पर यह हमें बड़ी नजाकत और कोमलता से करना है, क्योंकि हमारा पाला एक चालाक आदमी से पड़ा है, जो किसी भी हाल में हत्या करने पर उतारू है.

"हमारे पास इस बात का सबूत है कि उस की मदद कोई एक और आदमी कर रहा है जो उसी की तरह होशियार है, जब तक इस आदमी को यह अंदाज नहीं होता कि किसी के पास हत्या का कोई सुराग नहीं है, उस को पकड़ने की थोड़ी बहुत संभावना है. पर उस को अगर जरा सा भी शक हो गया, तो वह अपना नाम बदल लेगा और इस बड़े शहर की धार मिलियन (चालीस लाख) आबादी में पलभर में ही विलीन हो जाएगा, तुम में से किसी की भी भावना को ठेस पहुंचाए बगैर मैं कहने को मजबूर हूं कि में इन अपराधियों को पूरे पुलिस बल से ज्यादा शातिर मानता हूं और इसलिए में ने तुम्हारी मदद नहीं ली. अगर मैं असफल हो जाता हूं, तो जरूर मुझे अपनी इस ढील के लिए सारा इलजाम भुगतना होगा, पर मैं उस के लिए तैयार हूं. फिलहाल में इतना वादा करने को तैयार हूं कि अपनी छानबीन को खतरे में डाले बगैर जैसे ही संभव होगा, मैं तुम लोगों से संपर्क करने की कोशिश करूंगा,"

    इस आश्वासन से या खुफिया पुलिस की बुराई सुन कर ग्रेगसन और लेस्ट्रेड बिलकुल भी संतुष्ट नहीं दिखें, ग्रेगसन तो अपने बालों की जड़ों तक तमतमा उठा था, जबकि दूसरे की छोटीछोटी आंखों में कौतुहल और नाराजगी दिखी. पर दोनों में से किसी के भी पास बोलने का वक्त नहीं था, क्योंकि तभी दरवाजे पर दस्तक हुई और सड़की फौज का मुखिया, विर्गिस अपने भद्दे रूप में प्रस्तुत हुआ. है."

"प्लीज, सर!" अपने माथे की लट से खेलता वह बोला, "कैब में ने नीचे खड़ी कर दी

"गुड ब्वाय," होम्स ने सपाट स्वर में कहा. "तुम यह तरीका स्कॉटलैंड यार्ड में क्यों नहीं शामिल करते," वह बोला और एक दराज में से स्टील की हथकड़ियों का जोड़ा निकाला, "देखो, इस की स्प्रिंग कितनी सुंदर तरह काम करती है. पल भर में जकड़ लेती है."

    "पुराना तरीका भी ठीक है," लेस्ट्रेड ने टिप्पणी की, "अगर हथकड़ियां पहनाने के लिए अपराधी मिल जाए." 
    "बहुत अच्छा, बहुत अच्छा," होम्स ने मुसकराते हुए कहा. "गाडीवान शायद मुझे मेरे बक्से उठाने में मदद करे. उस से कहो कि वह जल्दी से ऊपर आए, विर्गिस,"

मुझे ताज्जुब हुआ कि मेरा मित्र ऐसे बोल रहा था मानो अभी यात्रा पर निकल रहा हो, क्योंकि उस ने मुझ से इस बारे में कुछ नहीं कहा था. कमरे में एक छोटा सा सूटकेस था और उसे बाहर खींच कर वह उस पर पेटी कसने लगा, वह इस काम में व्यस्त था, तभी गाड़ीवान कमरे में आया.

"इसे बांधने में मेरी मदद करो." गाड़ीवान घुटनों के बल बैठ कर अपना काम करते हुए बगैर सिर उठाए वह बोला.

वह आदमी अनमने से ढंग से बढ़ा और मदद के लिए अपना हाथ बढ़ाया, उसी पल धातु खनकने की एक तेज खटाक की आवाज हुई और सरलॉक होम्स फिर से अपने पैरों पर खड़ा हो गया.
   "जेंटलमैन," चमकती आंखों से वह बोला, "मैं मिस्टर जेफरसन से आप का परिचय कराता हूं, जो ड्रेबर और जोजफ स्टेंजरसन का हत्यारा है."

     पूरी घटना पलभर में हो गई. इतनी जल्दी कि मुझे कुछ समझने का वक्त ही नहीं मिला, उस पल की विविध यादें मेरे मन में हैं, होम्स का विजयी भाव और उस की आवाज की खनक और गाड़ीवान का बौखलाया हुआ खतरनाक चेहरा अपने हाथों की चमकती हथकड़ियों को बदहवास सा देखता हुआ, जो उस की कलाई पर मानो जादू से प्रकट हुई हो. एक या दो सेकेंड के लिए हम जैसे बुत बन गए थे. फिर गुस्से से गरजते हुए कैदी ने होम्स की पकड़ से एक झटके में अपने को छुड़ा लिया, खिड़की से कूदने से पहले ही ग्रेगसन, लेस्ट्रेड और होम्स उस पर शिकारी कुत्तों की तरह झपट पड़े. उसे वापस कमरे में खींच लिया गया और उस के बाद भीषण लड़ाई हुई.

      वह इतना ताकतवर और भयानक था कि हम चारों बारबार पटकी खा रहे थे. ऐसा लग रहा था मानो उसे मिरगी का दौरा पड़ा हो. जब लेस्ट्रेड ने उस का कॉलर पकड़ कर उस का आधा दम घोंट सा दिया तो, उसे समझ में आया कि उस की कोशिशें बेकार हैं. इस के बाद भी हम ने तब तक सुरक्षित नहीं महसूस किया जब तक हम ने उस के हाथ और पैर बांध नहीं दिए. ऐसा कर हम हांफते हुए अपने पैरों पर खड़े हुए. 
   "हमारे पास इस की गाड़ी है," शरलॉक होम्स ने कहा, "यह इस को स्कॉटलैंड यार्ड तक ले जाने के काम आएगी. अब जेंटलमैन," सुहानी मुसकान के साथ वह बोला, "हम अपनी छोटी सी गुत्थी के अंत तक पहुंच गए हैं. अब तुम लोगों को मुझ से कुछ भी सवाल पूछना है, तो स्वागत है और अब ऐसा कोई खतरा नहीं है कि मैं उन का जवाब देने से इनकार करूंगा,"

Friday, December 29, 2023

टोबियास ग्रेगसन दिखाता है कि वह क्या कर सकता है \ ए स्टडी इन स्कार्लेट - सर आर्थर कॉनन डॉयल


  अगले दिन के अखबार 'ब्रिक्सटन रहस्य' से भरे हुए थे, हरेक में वारदात का लंबा जिक्र था और कुछ में उस पर विशेष टिप्पणियां भी थीं. उन में कुछ जानकारियां ऐसी थीं, जो मेरे लिए नई थीं. अब भी मेरी किताब में इस मामले से संबंधित अनेक कतरनें लगी हुई हैं. इन में से कुछ का सारांश इस प्रकार है.

'डेली टेलीग्राफ' ने टिप्पणी की कि जुर्म के इतिहास में शायद ही कभी इतनी विचित्र त्रासदी घटी हो. मृतक का जर्मन नाम, किसी भी मंशा का अभाव और दीवार पर खौफनाक लिखावट, सभी आंदोलनकारी राजनैतिक शरणार्थियों की ओर इशारा करती हैं. समाजवादियों की कई शाखाएं अमरीका में हैं और निस्संदेह मृतक ने उन के अनलिखे कानूनों को तोड़ा था और वे उसे ढूंढतेढूंढ़ते उस तक आ पहुंचे थे, वेमगेरिट, अक्वा टोफाना, कारबनारी, मार्कियोनेस दि ब्रिनविलयर्स, डारविन के सिद्धांत, माल्थस के सिद्धांत और रैटक्लिफ हाइवे हत्याओं की ओर इशारा करने के बाद, इस लेख में अंत में सरकार को फटकार लगाई गई थी और सलाह दी गई थी कि इंगलैंड में विदेशियों पर नजर रखी जाए.

'स्टैंडर्ड' ने इस तथ्य पर टिप्पणी की कि उदार सरकार के नीचे अकसर इस तरह की गैर कानूनी हरकतें होती रहती हैं. इस से आम जनता के मन अस्थिर हो उठते हैं और सारी प्रशासन व्यवस्था अस्तव्यस्त हो जाती है. मृतक अमरीकी भला आदमी था, जो कुछ हफ्तों से महानगर में रह रहा था. वह कैंबरवेल के टोरके टेरेस में उस की मैडम शारपेटियर के बोर्डिंग हाउस में रहता था, उस की यात्राओं में उस का निजी सेक्लेटरी मिस्टर जोसफ स्टेंजरसन उस के साथ रहता था. उन दोनों ने अपनी मकान मालकिन से मंगलवार 4 तारीख को विदा ली और लिवरपूल एक्सप्रेस पकड़ने के ठोस विचार से यूस्टन स्टेशन के लिए रवाना हुए. उस के बाद उन दोनों को एक साथ प्लेटफार्म पर देखा गया था. उन के बारे में किसी को और कोई जानकारी नहीं थी, जब यूस्टन से कई कि. मी. दूर, ब्रिक्सटन रोड पर एक खाली घर में मिस्टर ट्रेबर की लाश पाई गई. यह वहां कैसे पहुंचा या उस का अंत कैसे हुआ, ये प्रश्न अब भी रहस्य बने हुए हैं. स्टेंजरसन के बारे में कुछ भी नहीं

मालूम. हमें यह जान कर खुशी है कि स्कॉटलैंड यार्ड के मिस्टर लेस्ट्रेड और मिस्टर ग्रेगसन दोनों ही इस केस में लगे हुए हैं और यह विश्वास किया जा रहा है कि ये जानेमाने अफसर जल्दी ही इस मामले पर प्रकाश डालेंगे, 'डेली न्यूज' ने लिखा है कि इस में कोई शक नहीं कि यह अपराध राजनैतिक है.

लिबरल सरकार की तानाशाही और नफरत, जिस से महाद्वीप की सरकारें उत्तेजित हैं, उस के प्रभाव से हमारे तटों पर बड़ी संख्या में ऐसे लोग आ गए हैं जो अच्छे नागरिक साबित होते, यदि उन के पास उन घटनाओं की कड़वी यादें नहीं होतीं, जो उन के ऊपर बीती थीं. इन लोगों में कड़ा अनुशासन था, जिस में जरा सी ढील की सजा मौत थी. सेक्रेटरी स्टेजरसन को ढूंढने का हर संभव प्रयत्न किया जाना चाहिए और मृतक की कुछ आदतों का पता लगाना चाहिए. जो घर उस ने किराए पर लिया था, उस के बारे में पता लगा लिए जाने से एक बड़ा कदम उठाया गया है. जिस का पूरा श्रेय स्कॉटलैंड यार्ड के मिस्टर ग्रेगसन की चतुराई और स्फुर्ति को जाता है.

शरलॉक होम्स और मैं ने इकट्ठे इन नोटिसों को नाश्ते के वक्त पड़ा और ऐसा लग रहा था कि इन्हें पढ़ कर उस का काफी मनोरंजन हुआ है. "मैं ने तुम को बताया था कि कुछ भी हो, लेस्ट्रेड और ग्रेगसन का पलड़ा भारी रहेगा."

"वह तो इस पर निर्भर करता है कि केस किस ओर मुड़ता है." "ओह, इस से कोई फर्क नहीं पड़ता, अगर अपराधी पकड़ा जाता है, तो यह उन की

कोशिशों की वजह से होगा. अगर वह निकल भागता है, तो भी इन की कोशिशों के बावजूद, चित्त भी मेरी, पट भी मेरी. वे कुछ भी करें, उन की तारीफ होगी ही." "अरे बाप रे, यह क्या है?" मैं चिल्लाया क्योंकि इसी क्षण हाल में और सीढ़ियों पर कई पैरों के भागने की आवाज आई और इस के साथ ही हमारी मकानमालकिन की नाराजगी भी सुनाई पड़ी.

"मेरे मित्र ने गंभीरता से कहा, यह खुफिया पुलिस बल की बेकर स्ट्रीट शाखा है." वह बता ही रहा था कि कमरे में आधा दर्जन सड़की अरब घुस आए जो इतने गंदे और मैलेकुचैले थे, जितने में ने पहले कभी नहीं देखे थे.

"अटेंशन (सावधान)!" शरलॉक होम्स ने कड़ाई से कहा और छह गंदे आवारा एक लाइन में मूर्तियों की तरह खड़े के खड़े रह गए, "आइंदा से रिपोर्ट करने के लिए तुम अकेले विगिस को भेजोगे और बाकी तुम सब सड़क पर इंतजार करोगे, क्या तुम को मिल गया, विर्गिस?"

"नहीं सर, हमें नहीं मिला," एक युवक बोला, "मुझे उम्मीद भी नहीं थी कि तुम को वह मिल सकेगा, जब तक तुम्हें मिल नहीं जाता तुम्हें तलाश जारी रखनी होगी, यह रखो अपनी आमदनी," उस ने हरेक को एक एक शिलिंग पकड़ाई, "अब तुम लोग यहां से दफा हो जाओ और अगली बार आओ तो इस से अच्छी खबर लाना."

उस ने अपना हाथ हिलाया और वे चूहों की तरह नीचे भागे और हम ने अगले पल उन की तीखी आवाजें सड़क से आती हुई सुनीं.

"पुलिस के दरजनभर आदमियों से कहीं ज्यादा काम इन छोटे भिखमंगों से निकाला जा सकता है, होम्स ने टिप्पणी की, "किसी अधिकारी को देखते ही लोगों के होंठों पर ताला लग जाता है, ये छोटे बच्चे हर जगह जाते हैं और हर बात सुनते हैं. ये सूड़यों की तरह पैने होते हैं. इन को बस संगठन की जरूरत है."

"क्या ब्रिक्स्टन मामले के लिए इन लोगों को नियुक्त किया है?" मैं ने पूछा.

"हां, एक मुद्दा है जो में साबित करना चाहता हूं. यह कुछ ही समय की बात है. हेलो। हमें कुछ सुनाई पड़ने वाला है। सड़क पर ग्रेगसन आ रहा है और उस के पूरे चेहरे पर परम आनंद के भाव हैं. मैं जानता हूं कि वह मेरी ओर ही आ रहा है. हां, वह रुक रहा है. देखो, वह वहां पर है!"

घंटी जोर से बज उठी और कुछ पलों में वह उजले बालों वाला जासूस तीन सीढ़ियां एक बार में चढ़ता ऊपर आया और हमारे सीटिंगरूम में आंधी की तरह प्रकट हुआ. "माई डियर फेलो," होम्स का हाथ पकड़ कर वह बोला, "मुझे बधाई दो. मैं ने पूरा मामला दिन के उजाले की तरह स्पष्ट कर लिया है."

मुझे लगा कि मेरे मित्र के भावपूर्ण चेहरे पर चिंता की परछाई उभरी,

"क्या तुम्हारा मतलब है कि तुम सही रास्ते पर हो?" उस ने पूछा.

" सही रास्ता! सर, हम ने मुजरिम को कैद भी कर लिया है."

"और उस का नाम है?"

"आर्थर शारपेंटियर, हर मेजिस्टी की जलसेना में सब-लेफ्टिनेंट है." ग्रेगसन ने घमंड से अपने मोटे हाथों को रगड़ते और छाती चौड़ी करते हुए कहा. शरलॉक होम्स ने राहत की सांस ली जऔर उस के चेहरे पर मुसकान फैल गई.

"बैठो और एक सिगार का मजा लो," वह बोला, "हम यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि तुम ने यह काम कैसे कर डाला, क्या तुम ह्विस्की और पानी लेना चाहोगे?"

"मुझे लेने में कोई एतराज नहीं," जासूस ने जवाब दिया, "पिछले एक दो दिनों से मैं इतनी कड़ी मेहनत कर रहा हूं कि मैं बिलकुल थक गया हूँ, शारीरिक तो नहीं, पर मानसिक दबाव की वजह से. तुम यह बात जरूर समझ सकोगे, शरलॉक होम्स, क्योंकि हम दोनों ही बुद्धिजीवी हैं."

"तुम मुझे कुछ ज्यादा ही इज्जत दे रहे हो," होम्स ने गंभीरता से कहा, "हम सुनना चाहते हैं कि तुम इस संतोषजनक नतीजे पर कैसे पहुंचे."

जासूस आरामकुरसी में धंस गया और सब्र से सिगार के कश लेने लगा, फिर अचानक उस ने किसी मनोरंजक खपाल से अपनी जांघ पर हाथ मारा.

"सब से मजे की बात यह है," वह बोला, "वह बेवकूफ लेस्ट्रेड जो अपने को इतना होशियार समझता है, बिलकुल ही गलत पटरी पर जा रहा है. वह सेक्रेटरी स्टेंजरसन के पीछे पड़ा है जिस का इस जुर्म से उतना ही लेनादेना है, जितना किसी अजन्मे बच्चे का.

मुझे कोई शक नहीं कि उस ने अब तक उस को हिरासत में भी ले लिया होगा." इस खयाल से ग्रेगसन को इतनी ज्यादा हंसी आई कि वह तब तक हंसता रहा, जब

तक उस का दम नहीं घुटने लगा. "और तुम को यह अंदाज कैसे लगा?"

"आह, मैं तुम को पूरी बात बताता हूं. हां, यह जरूर है, डाक्टर वॉटसन, कि यह बात हम लोगों के बीच ही रहनी चाहिए, सब से पहली कठिनाई जिस का हमें सामना करना पड़ा, वह थी इस अमरीकी की पिछली जिंदगी के बारे में पता लगाना, कुछ लोग तब तक इंतजार करते जब तक उन के विज्ञापनों का जवाब नहीं आ जाता या जब तक कुछ लोग आगे आ कर सब जानकारी नहीं देते. पर यह टोबियास ग्रेगसन के काम का तरीका नहीं है. तुम्हें याद है वह हैट जो मृतक के पास पड़ा था?"

"हां," होम्स ने कहा, "जॉन अंडरवुड एंड संस, 129, कॅबरवेल रोड, द्वारा निर्मित," ग्रेगसन काफी निराश लगा,

"मुझे नहीं पता था कि तुम ने इस बात पर गौर किया," वह बोला, "क्या तुम वहां जा चुके हो?"

"नहीं"

"हां।" ग्रेगसन बोल पड़ा, एक राहत भरी आवाज में. "तुम को कभी भी कोई ऐसा मौका नहीं खोना चाहिए, चाहे वह कितना भी छोटा क्यों न हो."

"महान बुद्धि वाले के लिए कुछ भी छोटा नहीं होता," होम्स ने कहावत के अंदाज में टिप्पणी की.

"खैर, मैं अंडरवुड के पास गया और उस से पूछा कि क्या उस ने इस नाप और वर्णन का हैट बेचा है, उस ने अपनी किताबों में देखा और तुरंत उस तक पहुंच गया. उस ने वह हैट मिस्टर डेबर को भेजा था, जो टॉरके टेरेस में शारपेटियर के किराए के कमरों में रहता है, इस तरह मुझे उस का पता मिला."

"स्मार्ट-बहुत स्मार्ट," शरलॉक होम्स बुदबुदाया, "उस के बाद मैं ने मैडम शारपेंटियर से मुलाकत की." जासूस बोले जा रहा था. "में ने देखा कि वह एकदम पीली और परेशान थी, उस की बेटी भी उसी कमरे में थी-वह भी एक असाधारण और अच्छी लड़की है-उस की आंखें लाल थीं और जब में उस से बात कर रहा था, तो उस के होंठ कांप रहे थे, यह बात मुझ से छिप नहीं सकी. मुझे कुछ गड़बड़ी महसूस हुई. वह एहसास, तुम जानते हो मिस्टर थरलॉक होम्स, जब तुम सही दिशा में होते हो तुम्हारी रगरण में एक रोमांच सा होता है. क्या तुम ने अपने पुराने किराएदार मिस्टर एनोच ड्रेबर, क्लीवलैंड बालों की रहस्यमयी मौत के बारे में सुना है?" में ने पूछा.

"मां ने 'हो' में सिर हिलाया, वह एक शब्द भी नहीं बोल पा रही थी. बेटी फूटफूट कर रो पड़ी, मुझे लग रहा था कि ये लोग इस मामले के बारे में जरूर कुछ जानती हैं." "ट्रेन पकड़ने के लिए मिस्टर ड्रेबर तुम्हारे घर से कितने बजे निकला था?" मैं ने पूछा.

"आठ बजे," अपनी बेचैनी को छुपाने के लिए धूक सटकते हुए वह बोली, "उस के सेक्रेटरी मिस्टर स्टेंजरसन ने कहा कि दो ट्रेनें थीं-एक सवा नौ बजे और एक ग्यारह बजे, उस को पहली वाली ट्रेन पकड़नी थी."

"और क्या यही तुम ने उसे आखिरी बार देखा था?"

"औरत के चेहरे पर विद्रूपता छा गई, जब मैं ने उस से यह प्रश्न पूछा. उस का चेहरा स्वाह पड़ गया, उस के मुंह से एक 'हां' निकलने में कुछ क्षण बीत गए और जब वह निकला, तो अजीब से अंदाज में. क्षणभर के लिए चुप्पी छाई गई और फिर शांत, साफ आवाज में बेटी बोली, "झूठ से कभी कुछ अच्छा नहीं हो सकता, मां! इस भले आदमी से

हमें खुल कर बात करनी चाहिए. हम ने मिस्टर ट्रेबर को फिर से देखा था." मैडम शारपेटियर फिर से अपनी कुरसी में धंस गई, "तुम ने अपने भाई को मार डाला

है."

"आर्थर यही पसंद करता कि हम सच बोलें, लड़की ने दृढ़ता से कहा.

"सब से अच्छा तो यही होगा कि तुम इस के बारे में मुझ को अभी बताओं," मैं ने कहा, "अधूरी बात कबूलना कुछ नहीं कबूलने से ज्यादा बुरा है. इस के अलावा, तुम्हें नहीं मालूम कि हम को इस मामले के बारे में कितना ज्यादा मालूम है." "अब इस का जिम्मा तुम अपने सिर पर आने दो, एलिस!" उस की मां ने कहा और फिर मेरी ओर रुख कर के बोली, "मैं आप को सारी बात बताती हूं, सर, यह मत सोचिए कि में अपने बेटे के लिए इसलिए डर रही हूं कि उस का इस अपराध में कोई हाथ है. वह बिलकुल निर्दोष है. फिर भी, मुझे यह डर है कि आप की नजरों में और दूसरों की नजरों में वह इस अपराध का भागीदार दिखाई देगा. पर वह एकदम नामुमकिन है. उस का ऊंचा चरित्र, उस का पेशा, उस की पहले की जिंदगी उस को ऐसा कभी नहीं होने देंगे."

"तुम्हारे लिए सब से अच्छा यही होगा कि तुम सारे तथ्यों को ईमानदारी से सामने लाओ," में ने जवाब दिया, "निश्चित रहो, अगर तुम्हारा बेटा बेकसूर है, उस को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा."

"एलिस, शायद अच्छा रहेगा कि तुम हमें अकेला छोड़ दो," उस ने कहा और उस की बेटी वहां से चली गई. "अब, सर," वह आगे बोली, "मेरा कोई इरादा नहीं था कि आप को यह सब बताऊं, पर जैसा मेरी बेचारी बेटी ने खुलासा किया है, मेरे पास अब और कोई चारा नहीं है. अब एक बार बोलने का फैसला ले लेने के बाद, मैं आप को बगैर कोई बात छुपाए सारी बात बता दूंगी."

"यही तुम्हारे लिए सब से बड़ी अक्लमंदी का रास्ता होगा."

"मिस्टर ड्रेबर हमारे साथ करीब तीन हफ्तों तक रहा, वह और उस का साथी मिस्टर स्टेंजरसन महाद्वीप की यात्रा कर रहे थे, मैं ने उन दोनों के बक्सों पर 'कोपनहेगन' लिखा देखा था, जिस से पता चलता है कि आखिरी बार वे लोग वहीं रुके थे. स्टेजरसन शांत, शर्मीला आदमी था, पर मुझे अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि उस का मालिक उस से बिलकुल अलग था. उस की आदतें फूहड़ थीं और हरकतें क्रूरता वाली, जिस रात वे यहां आए, उसी रात वह नशे में बिलकुल थुत हो गया और दिन में बारह बजे के बाद वह शायद ही कभी बगैर नशे में धुत पाया गया हो. घर की नौकरानियों के प्रति उस का रवैया कुछ ज्यादा ही खुला हुआ था. सब से बुरी बात तो यह हुई कि जल्दी ही उस ने यह रवैया मेरी बेटी एलिस के प्रति भी अपना लिया और कई बार उस से ऐसीवैसी बात कही, जो वह अपने भोलेपन में समझ नहीं सकी. एक बार तो उस ने उस को अपनी बांहों में भर लिया,

इस बेहूदा हरकत के कारण उस के सेक्रेटरी तक ने उस को डांटा था." "पर आप ने यह सब क्यों सहा?" मैं ने पूछा, "मैं समझता हूं कि आप जब चाहें,

अपने किराएदारों को हटा सकती हैं."

"मेरे धृष्ट सवालों को सुन कर मैडम शारपेंटियर का चेहरा लाल पड़ गया.

"में तो उस को उसी दिन नोटिस भिजवा देती, जिस दिन वह आया था." वह बोली, "पर मेरे सामने बहुत बड़ा लालच था. रोजाना वे प्रति व्यक्ति के हिसाब से एक पाउंड देते थे, यानी हफ्ते के चौदह पाउंड और यह समय मंदी का चल रहा है. मैं विधवा हूं और नेवी में अपने बेटे के ऊपर मैं ने बहुत खर्चा किया है. मैं यह पैसा खोना नहीं चाह रही थी. मैं ने जो किया, अच्छे के लिए किया, पर यह आखिर हरकत बरदाश्त के बाहर हो गई, जिस की वजह से मैं ने उस को कमरा खाली करने का नोटिस दे दिया, उस के जाने का यही कारण था."

"और?"

"उस को ड्राइव कर के जाते देख मेरा दिल हलका हो गया, अभी मेरा बेटा छुट्टी पर है, पर मैं ने उस को यह बात नहीं बताई, क्योंकि उस का गुस्सा बहुत तेज है और वह दीवानगी से अपनी बहन से प्यार करता है, जब उन के जाने के बाद मैं ने दरवाजा बंद किया, तो मेरे सिर से एक बोझ उतर गया, पर एक घंटे से भी कम समय में दरवाजे पर फिर से घंटी बजी और मुझे पता चला कि ट्रेबर वापस आ गया है. वह बहुत उत्तेजित था, क्योंकि वह नशे में था. वह जबरदस्ती कमरे में घुस आया, जहां में अपनी बेटी के साथ बैठी थी और कुछ अस्पष्ट से तरीके से कहा कि उस की ट्रेन छूट गई है. फिर वह एलिस की ओर मुड़ा और मेरे सामने ही उस से प्रस्ताव रखा कि वह उस के साथ चले. "तुम अब वयस्क हो गई हो," उस ने कहा, "और कोई कानून तुम को रोक नहीं सकता, मेरे पास काफी पैसा है जो मैं तुम्हारे ऊपर लुटा सकता हूं. इस बूढ़ी का खयाल मत करो, और फौरन मेरे साथ चली चलो. तुम एक राजकुमारी की तरह रहोगी." एलिस बेचारी इतनी डर गई कि वह उस से दूर हट गई, पर उस ने उस की कलाई को पकड़ कर घसीटा और दरवाजे तक ले जाने की कोशिश की, मैं चिल्लाई और उसी वक्त मेरा बेटा आर्थर कमरे में दाखिल हुआ.

उस के बाद क्या हुआ, मुझे नहीं मालूम, मैं ने गालियों और कसमों और आपस में गुत्थमगुत्था होने की आवाजें सुनीं. मैं इतनी डर गई कि मुझे अपना सिर उठाने की हिम्मत भी नहीं रही, जब मैं ने ऊपर देखा, मैं ने आर्थर को हाथ में छड़ी लिए हंसते हुए दरवाजे पर खड़ा देखा, "मैं नहीं सोचता कि यह आदमी अब हमें और तंग करेगा," उस ने कहा, "मैं उस के पीछे जा कर देखता हूं कि वह क्या कर रहा है." इन शब्दों के साथ उस ने अपना हैट लिया और सड़क पर चला गया. अगली सुबह हम ने मिस्टर ड्रेबर की रहस्यमय मौत के बारे में सुना.

"मैडम शारपेंटियर के मुंह से यह बात गहरी सांसों और काफी रुकरुक कर निकली. कई बार तो यह इतना धीमे बोली कि में शब्द सुन ही नहीं पा रहा था. मैं ने शार्टहैंड में उस का बयान दर्ज किया, जिस से गलती की कोई गुंजाइश न रहे?"

"काफी रोमांचकारी है," शरलॉक होम्स ने जम्हाई लेते हुए कहा, "उस के बाद क्या हुआ?"

"जब मैडम शारपेंटियर रुकी," जासूस आगे बोला, "मैं ने देखा कि पूरा केस एक ही बिंदु पर टिका है, मैं ने उस को अपनी उस नजर से देखा जो हमेशा महिलाओं को प्रभावित करती है और उस से पूछा कि उस का बेटा कितने बजे घर लौटा."

"मैं नहीं जानती," उस ने जवाब दिया.

नहीं जानती?" "

"नहीं, उस के पास अपनी चाबी है और उसी से वह घर में दाखिल हुआ होगा."

"जब तुम सो चुकी थी?"

"हां."

"तुम कितने बजे सोई थी?"

"करीब ग्यारह बजे."

"तो तुम्हारा बेटा करीब दो घंटों तक घर नहीं आया?" "हां."

"शायद चार या पांच घंटे?"

"हां."

"उस दौरान वह क्या कर रहा था?"

"मुझे नहीं मालूम." उस ने जवाब दिया और उस के होंठ सफेद पड़ रहे थे.

"अब इस के बाद करने के लिए और कुछ भी बाकी नहीं रह गया था. मैं ने ढूंढ़ निकाला कि लेफ्टिनेंट शारपेंटियर किधर है, अपने साथ दो अफसर लिए और उस को हिरासत में ले लिया. जब में ने उस को कंधे पर हुआ और उस को चुपचाप हमारे साथ चलने की धमकी दी, तो उस ने लोहे की तरह मजबूती से कहा. में सोचता हूं कि आप मुझे उस दुष्ट ट्रेबर की मौत के सिलसिले में बंदी बना रहे हैं," वह बोला-हम ने उस से इस बारे में कुछ भी नहीं कहा था, इसलिए उस का यह मुद्दा छेड़ना शक खड़ा करता है.

"बहुत," होम्मर ने कहा.

उस के पास उस समय भी वही लाठी थी जो उस की मां ने बताई थी कि उस के पास थी जब वह ड्रेबर के पीछे निकला था. वह मजबूत लकड़ी की लाठी थी. "तुम्हारा क्या खयाल है?"

"मेरा खयाल यह है कि उस ने ब्रिक्सटन रोड तक ड्रेबर का पीछा किया. वहां पहुंच कर दोनों के बीच में ताजा झड़प हुई, जिस के दौरान डेबर ने लाठी की चोट खाई, शायद पेट पर, जिस ने उस को बगैर बोट के निशान के मार डाला. रात इतनी भीगी हुई थी कि आसपास कोई नहीं था, इसलिए शारपेंटियर उस खाली घर में लाश को खींचते हुए ले गया, जहां तक मोमबत्ती और खून का सवाल है और दीवार पर लिखावट और अंगूठी का, तो ये सब शायद पुलिस को चकमा देने की साजिश हो."

"शाबाश।" होम्स ने हौसला देने के अंदाज में कहा, "वाकई ग्रेगसन, तुम बहुत बढ़िया कर रहे हो. तुम बहुत आगे बढ़ोगे."

"मैं अपनेआप से बहुत खुश हूं कि मैं ने इतनी सफाई से सारा मामला सुलझा डाला," जासूस ने घमंड से कहा, "यह युवक बयान देने के लिए तैयार हो गया, जिस से उस ने कहा कि कुछ देर ड्रेबर का पीछा करने के बाद ड्रेबर ने उस को देख लिया और एक कैब ले कर चला गया ताकि उस से दूर जा सके, घर के रास्ते में उस को एक पुराना साथी नाविक मिला और वह उस के साथ टहलने लगा. यह पूछे जाने पर कि उस का वह साथी नाविक कहां रहता है, वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया, मेरे खयाल से यह पूरा मामला ठीक से सुलझ चुका है. मुझे हंसी आ रही है लेस्ट्रेड पर, जो गलत दिशा में जा कर केस सुलझाने का प्रयत्न कर रहा है. मुझे डर है वह कुछ ज्यादा नहीं कर पाएगा, क्यों, कसम से, वह तो खुद यहां पर हाजिर हो गया है."

वास्तव में वह लेस्ट्रेड ही था जो हमारी बातचीत के दौरान सीढ़ियां चढ़ कर आया था और अब कमरे में दाखिल हो गया, पर उस की चालढाल और कपड़ों से जो आत्मविश्वास दिखता था, वह अब नजर नहीं आ रहा था. उस के चेहरे पर परेशानी थी जबकि उस के कपड़े अस्तव्यस्त और गंदे थे. साफ था कि वह शरलॉक होम्स से मशविरा लेने आया था क्योंकि अपने साथी को देख कर वह शर्मिंदा और परेशान सा नजर आया, घबराहट में वह अपने हैट को टटोलता हुआ कमरे के बीच में खड़ा था और समझ नहीं पा रहा था कि क्या करे! "यह एक अपूर्व केस है," अंत में वह बोला, "जो बिलकुल भी समझ में नहीं आ रहा."

"आह, ऐसा तुम को लगता है, मिस्टर लेस्ट्रेड!" विजयी भाव से ग्रेगसन बोल पड़ा, "मैं सोच रहा था कि तुम इसी नतीजे पर पहुंचोंगे, क्या तुम सेक्रेटरी जोजफ एंडरसन को ढूंढ पाए?"

"सेक्रेटरी जोजफ एंडरसन, लेस्ट्रेड गंभीरता से बोला, "आज सुबह लगभग छह बजे हैलीडे प्राइवेट होटल में हत्या कर दी गई."

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सवेरे की हमारी गतिविधियां मेरी कमजोर तबीयत के लिए कुछ ज्यादा ही कष्टप्रद साबित हुईं और दोपहर होतेहोते मैं पस्त हो चुका था. कांसर्ट के लिए होम्स के रवाना होने के बाद में सोफे पर लेट गया और एकाध घंटा सोने की कोशिश करने लगा. यह एक असफल प्रयास था. जो कुछ भी हुआ था, उस से मेरा मन बड़ा बेचैन था और तरहतरह की बातें उठ रही थीं. जितनी बार भी मैं ने आंखें बंद कीं, मेरे सामने कत्ल हुए उस आदमी का टेढ़ा, बंदरनुमा चेहरा दिखलाई दिया. उस चेहरे का मेरे ऊपर इतना खौफनाक असर पड़ा कि मेरे मन में उस शख्स के प्रति कृतज्ञता भर गई, जिस ने इतने विद्रूप चेहरे को दुनिया से मिटा डाला था. अगर किसी इनसानी चेहरे पर बुरी से बुरी आदतें लिखी थीं, तो वह इनसान एनोच जे. ड्रेबर, क्लीवलैंड ही हो सकता था. फिर भी मैं समझ गया था कि इंसाफ होना चाहिए और मृतक की आपराधिक प्रवृत्ति न्याय की नजर में हत्या को सही नहीं ठहरा सकती.

मैं ने इस के बारे में जितना सोचा, उतना ही असाधारण मुझे अपने मित्र का तर्क लगा कि इस आदमी को जहर दिया गया है. मुझे याद आया कि कैसे उस ने उस के होंठ सूंघे थे और इस के बारे में कोई शक नहीं था कि उस ने उस में कुछ ऐसा अनुभव किया था, जिस से यह खयाल उपजा होगा. फिर अगर यह जहर नहीं था, तो उस आदमी की मृत्यु का क्या कारण हो सकता था, क्योंकि न तो चोट के निशान थे, न गला घोंटे जाने के? पर दूसरी ओर, वह किस का खून था जो इतना गाढ़ा हो कर जमीन पर फैला था?

संघर्ष का कोई निशान नहीं था. न ही मृत आदमी के पास कोई हथियार ही था, जिस से वह अपने दुश्मन को मार सकता, जब तक ये प्रश्न अबूझे रहते हैं, मुझ को लगा कि नींद आना कोई आसान काम नहीं, न होम्स के लिए, न ही मेरे लिए. उस का शांत, आत्मविश्वास से भरा रवैया मुझे आश्वस्त कर रहा था कि उस ने कोई धारणा बना ली है जिस से सारी बातें साफ हो जाती हैं, हालांकि वह धारणा क्या थी, यह समझ से बाहर था. वापस आने में उसे बहुत देर हो गई. इतनी देर कि मैं समझ गया कि इतना वक्त उसे कांसर्ट में नहीं लग सकता था. उस के आने से पहले ही डिनर टेबुल पर लग चुका था.

"बहुत आलीशान था," उस ने अपनी सीट पर बैठते हुए कहा. "क्या तुम्हें याद है कि डारविन संगीत के बारे में क्या कहता है? वह दावा करता है कि संगीत को उत्पन्न करने और उस की तारीफ करने की क्षमता इनसान में वाणी से भी पहले उत्पन्न हो चुकी थी. शायद इसलिए हम संगीत से इतना प्रभावित होते हैं. हमारी आत्माओं में इन धुंध भरी शताब्दियों की धुंधली सी यादें हैं, जब यह संसार अपने शिशुकाल में था."

"यह तो बड़ा विस्तृत खयाल है," मैं ने टिप्पणी की.

"अगर हम प्रकृति को समझना चाहते हैं तो हमारे विचार प्रकृति की तरह विस्तृत होने

चाहिए,” उस ने जवाब दिया, "क्या मामला है? तुम कुछ अनमने लग रहे हो. ब्रिक्स्टन रोड

मामले से तुम परेशान हो गए हो." "सच कहूं तो हां, ऐसा ही है," मैं ने कहा, "अफगान के अपने अनुभवों के बाद मुझे मजबूत हो जाना चाहिए था. मैं ने मैवांड में अपने ही साथियों को, (बगैर अपना आपा खोए) टुकड़ेटुकड़े काटे जाते देखा है."

"मैं समझ सकता हूं. इस के बारे में कोई रहस्य जरूर है, जो मन को झकझोर देता है. जब कोई कल्पना नहीं होती, तो भय भी नहीं होता. क्या तुम ने शाम का अखबार देखा है?"

"नहीं."

"उस में पूरे माजरे का काफी अच्छा वर्णन है. उस में यह बात नहीं बताई गई है कि जब उस आदमी को उठाया गया, तो एक स्त्री की शादी की अंगूठी जमीन पर गिरी थी. अच्छा ही हुआ कि उस में इस बात का जिक्र नहीं था."

"क्यों?"

"इस विज्ञापन को देखो," उस ने उत्तर दिया. "इस घटना के तुरंत बाद मैं ने एक ऐसा विज्ञापन आज सुबह हर अखबार में भिजवाया है." "उस ने अखबार मेरी ओर फेंका और मैं ने उस जगह पर नजर डाली, जहां उस ने

इशारा किया था. 'पाया' वाली पंक्ति में यह पहली घोषणा थी. 'ब्रिक्स्टन रोड में आज सुबह.' उस में लिखा था, 'एक सादी, सोने की अंगूठी, ह्वाइट हार्ट टैवर्न और हॉलैंड ग्रोव के बीच की सड़क पर पाई गई है. डा. वॉटसन, 221 -बी बेकर स्ट्रीट से संपर्क करें, आज शाम आठ और नौ बजे के बीच."

"तुम्हारे नाम का इस्तेमाल करने के लिए माफी चाहता हूं," उस ने कहा. "अगर मैं ने अपना नाम लिखा होता, इन में से कुछ बेवकूफों ने पहचान लिया होता और फिर वे लोग इस मामले में टांग अड़ाते."

"वह सब ठीक है," मैं ने जवाब दिया. पर यदि कोई इस विज्ञापन का जवाब देता है, तो मेरे पास कोई अंगूठी नहीं है."

"है कैसे नहीं, बिलकुल है तुम्हारे पास." उस ने मुझ को एक अंगूठी देते हुए कहा. "यह बिलकुल ठीक रहेगी. यह बिलकुल उसी जैसी अंगूठी है."

"और तुम क्या सोचते हो कि इस विज्ञापन का जवाब कौन देगा?"

"क्यों, भूरे कोट वाला आदमी देगा-हमारा लाल चेहरे वाला दोस्त जिस के चौकोर पंजे हैं. अगर वह अपनेआप नहीं आता, तो वह अपने किसी साथी को भेजेगा."

"क्या उस को, ऐसा करना खतरनाक नहीं लगेगा?"

"बिलकुल भी नहीं. अगर इस मामले पर मेरा नजरिया सही है और इस को सही समझने के मेरे पास कई कारण हैं, तो यह आदमी अंगूठी खोने से अच्छा और कुछ भी खो देने का जोखिम उठाएगा. मेरे खयाल से, इस ने यह तब खोया था जब वह ड्रेबर की लाश पर झुका हुआ था और तब इसे पता नहीं चला था. घर से जाने के बाद इस को समझ में आया और यह जल्दी से वापस आया. पर आने के बाद उस ने देखा कि पुलिस पहले से ही पहुंची हुई है, क्योंकि इस ने मोमबत्ती जलती रहने देने की गलती कर दी थी.

"फिर उसे शराबी होने का नाटक करना पड़ा, जिस से गेट पर उस की मौजूदगी से किसी तरह का शक पैदा न हो. अब अपने को उस आदमी की जगह रख कर देखो. इस मामले पर फिर से गौर करने पर उस को उसे ऐसा लगा होगा कि यह हो सकता है कि उस से अंगूठी सड़क पर कहीं गिर गई हो. फिर वह क्या करता? फिर वह शाम के अखबारों को उत्सुकता से पढ़ता, इस उम्मीद में कि शायद 'पाया' वाली जगह में उस का जिक्र हो, उस की आंखें बेशक इस पर पड़तीं. वह फूला नहीं समाता. उसे इस में कोई साजिश क्यों नजर आती? उस की नजर में कोई ऐसा कारण नहीं होता कि इस अंगूठी का पाया जाना किसी भी तरह हत्या से ताल्लुक रखता होगा, वह जरूर आता. वह जरूर आएगा. एक घंटे के

अंदर तुम उस को देख लोगे."

"और फिर?" मैं ने पूछा.

"और उस से निपटने के लिए में काफी हूं. क्या तुम्हारे पास कोई हथियार है?"

"मेरे पास मेरी पुरानी सर्विस रिवॉलवर और कुछ कारतूस हैं."

"तुम उस को साफ कर के लोड कर लो. वह बौखलाया हुआ होगा और हालांकि मैं अचानक उस पर हावी हो जाऊंगा, बेहतर यही होगा कि हम पूरी तरह सतर्क रहें और हर स्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहें."

मैं अपने बेडरूम में गया और उस की सलाह पर अमल किया, जब में पिस्तौल ले कर लौटा, मेज साफ हो चुकी थी और होम्स अपना समय वायलिन बजा कर बिता रहा था. "कहानी गहराती जा रही है," में ने जब अंदर प्रवेश किया, तब उस ने कहा, "मुझे अपने अमरीकी तार का अभीअभी जवाब मिला है. इस मामले में मेरी राय बिलकुल सही है."

"और वह क्या है?" मैं ने उत्सुकता से पूछा.

"मेरे वायलिन में नए तार लगाने हैं," वह बोला, "पिस्तौल अपनी जेब में रख लो, जब वह व्यक्ति आए, उस से साधारण तरीके से बात करना. बाकी सब मेरे ऊपर छोड़ दो. उस को ज्यादा कड़ी नजर से मत देखना, नहीं तो वह डर जाएगा."

"इस वक्त आठ बज रहे हैं," घड़ी पर नजर डालते हुए मैं ने कहा.

"हां, शायद वह कुछ ही मिनटों में यहां आ जाएगा. दरवाजा थोड़ा सा खोल दो. हां, इतना ठीक है. अब चाबी अंदर लगा दो. थैंक्यू! यह एक अजीब सी किताब है जो मैं ने कल एक दुकान से ली थी, दि ज्यूरे इंटर जेंटिस. यह लैटिन भाषा में लोलेंड के लीज में लिखी गई थी, 1642 में. चार्ल्स का सिर तब भी उस के धड़ से लगा हुआ था, जब इस छोटी सी भूरीकाली किताब पर रोक लगाई गई थी."

"इस का प्रकाशक कौन है?"

"फिलिप डि क्रोय, वह जो कोई भी रहा हो. उस के पहले पन्ने पर बहुत धुंधली स्याही से लिखा है-एक्सलिबरिस गुलीलमी ह्वाइट. पता नहीं, यह विलियम ह्वाइट आखिर कौन था. शायद सत्रहवीं शताब्दी का कोई चतुर वकील था. उस के लेखन में कानूनी दांवपेंच है. यह लो, शायद हमारा आदमी भी आ रहा है."

जब वह बोल रहा था, तभी जोर से घंटी बज उठी. शरलॉक होम्स ने तेजी से दरवाजे की ओर अपनी कुरसी मोड़ ली. हम ने नौकरानी को हॉल से गुजरते हुए सुना और चटखनी की तेज खटाक की आवाज से उस ने दरवाजा खोल दिया.

"क्या डाक्टर वॉटसन यहीं रहते हैं?" एक स्पष्ट पर कर्कश आवाज ने पूछा. हम नौकरानी का जवाब नहीं सुन पाए, पर दरवाजा बंद हुआ और कोई सीढ़ियों के ऊपर चढ़ने लगा. पैरों की आहट अनिश्चित और लड़खड़ाती सी थी. उस को सुनते हुए मेरे मित्र के चेहरे पर ताज्जुब का भाव था. वह धीरेधीरे गलियारे तक आया और फिर दरवाजे पर हलकी सी थपथपाहट हुई.

"अंदर आ जाओ," में बोल पड़ा, मेरे पुकारने पर हमारी आशा के विपरीत, बजाए उस हिंसक आदमी के जिस की हम ने कल्पना की थी, एक बहुत बूढ़ी, झुर्रीदार औरत ने अपार्टमेंट में प्रवेश किया. अचानक हुई रोशनी की चकाचौंध से वह चौंधियांई हुई जान पड़ी और हलका सा अभिवादन करने के बाद वह हमारी ओर पलकें झपकाती, अपनी घबराई हुई कंपकपाती अंगुलियों से अपनी जेब टटोलने लगी. मैं ने अपने मित्र की ओर देखा और उस के चेहरे पर ऐसे निराशा के भाव थे कि मेरी कुछ समझ में नहीं आया.

बूढ़ी औरत ने शाम का अखबार निकाला और हमारे विज्ञापन की ओर इशारा किया. "भले लोगो, यह विज्ञापन ही मुझे यहां तक लाया है," फिर से अभिवादन करते हुए वह बोली, "ब्रिक्सटन रोड पर सोने की अंगूठी, वह मेरी बेटी सैली की है, जिस की बारह महीने पहले ही शादी हुई है और जिस का पति एक यूनियन बोट पर कारिंदा है और मैं सोच भी नहीं सकती कि वापस आने पर अपनी पत्नी के पास अंगूठी न पा कर वह क्या कहेगा.

क्योंकि वैसे भी आमतौर पर वह गुस्से से बौखलाया रहता है, खास कर जब वह नशे में होता है. अगर आप को जान कर कोई खुशी होनी है, तो पिछली रात वह सर्कस देखने गई थी-"

"क्या यह उस की अंगूठी है?" मैं ने पूछा.

बुढ़िया बोल पड़ी, "आज रात सैली एक बेहद खुश महिला होगी, यही वह अंगूठी है."

"और तुम्हारा पता क्या है?" मैं ने पेंसिल उठाते हुए तहकीकात की.

"13, डंकन स्ट्रीट, हाउंड्सडिच. यहां से थोड़ी दूरी पर है."

"ब्रिक्सटन रोड किसी भी सर्कस और हाउंड्सडिच के बीच में नहीं पड़ती," शरलॉक होम्स ने तल्खी से कहा.

बूढ़ी औरत ने मुड़ कर उस की ओर गौर से देखा, "इस भले आदमी ने मुझ से मेरा पता पूछा था," वह बोली. "सैली का घर 3, मेफील्ड, पैलेस, पेकहम में है."

"और तुम्हारा नाम?"

"मेरा नाम है सॉयर, उस का है डेनिस, क्योंकि उस के साथ टॉम डेनिस ने शादी की है

और वह काफी स्मार्ट और साफ लड़का है. जब वह समुद्र पर रहता है, तो उस जैसा कोई

नहीं है. पर जब वह तट पर होता है, तो इतनी औरतें और इतनी शराब की दुकानें."

"यह रही तुम्हारी अंगूठी, मिसेज सॉयर," अपने मित्र के इशारे पर मैं ने उस को टोका. "जाहिर है कि यह तुम्हारी बेटी की ही है और मुझे खुशी है कि मैं ने इस को इस के सही हकदार तक पहुंचा दिया है."

ढेर सारे आशीष बुदबुदाती हुई और अपनी कृतज्ञता प्रकट करती बूढ़ी औरत ने उस को अपनी जेब में रख लिया और सीढ़ियों के नीचे उतर गई. जैसे ही वह गई, शरलॉक होम्स लपक कर उठा और तेजी से अपने कमरे में गया. कुछ ही पलों में एक ओवरकोट और टोप पहने वह वापस आया. जल्दी से उस ने कहा, "मैं उस का पीछा करूंगा. वह उस की साथी होगी और इस का पीछा कर के में अपराधी तक पहुंच जाऊंगा. मेरे लिए जागते रहना."

हाल का दरवाजा हमारी मेहमान के जाने पर बंद हुआ भर था. जब होम्स सीढ़ियों के नीचे उतरा, खिड़की से मैं ने बूढ़ी औरत को धीरेधीरे दूसरी ओर चलते हुए देखा, जबकि उस का पीछा करने वाला थोड़ी सी दूरी पर उस का पीछा कर रहा था. 'या तो इस का पूरा अंदाजा गलत है,' मैं ने सोचा, 'या फिर यह रहस्य की तह तक जा पहुंचेगा.' उसे मुझ से यह कहने की कोई जरूरत नहीं थी कि मैं जागता रहूं, क्योंकि मुझे लगा कि उस के कारनामे का नतीजा जाने बगैर मेरे लिए सो जाना नामुमकिन था.

जब वह बाहर के लिए निकला था, उस वक्त करीब नौ बज रहे थे. मुझे इस बात का कोई अंदाजा नहीं था कि उस को कितनी देर लगेगी, पर मैं अपना पाईप पीते और हेनरी मुरगर की 'वाई दि बोहिम' के पन्ने पलटते हुए समय गुजारने लगा. दस बज गए और में ने

नौकरानी के कदमों की आहट को उस के बिस्तर तक जाते हुए सुना. ग्यारह बजे और मकान मालकिन के कदमों की रोबीली आहट अपने बिस्तर तक जाती सुनाई पड़ी. दरवाजा खुलने की चाबी की आवाज सुनाई पड़ी तो करीब बारह बज रहे थे, जैसे ही वह अंदर घुसा, मैं उस का चेहरा देखते ही समझ गया कि वह सफल नहीं हो पाया है. उस के चेहरे पर हंसी और निराशा के मिलेजुले भाव थे और फिर वह अचानक जोर से हंस पड़ा.

"मैं किसी भी कीमत पर स्कॉटलैंड यार्ड वालों को यह बात नहीं जानने दूंगा," कुरसी पर ढेर होते हुए वह बोला, "मैं ने उन को इतना तंग कर रखा है कि वे मेरा मजाक उड़ातेउड़ाते कभी नहीं ऊबेंगे. मैं इसलिए हंस सकता हूं क्योंकि मैं जानता हूं कि आखिर में मैं उन से हिसाब चुकता कर ही लूंगा."

"आखिर बात क्या है?" मैं ने पूछा.

"ओह, अपने खिलाफ जाने वाली कहानी सुनाने में मुझे कोई एतराज नहीं," वह थोड़ी दूर गई और फिर लंगड़ाने लगी और ऐसा लगा कि उस के पैरों में छाले पड़ गए हैं. फिर वह रुक गई और गुजरती हुई गाड़ी को रोका. मैं उस के इतने पास तक आ गया था कि मैं पता सुन सकूं, पर मुझे फिक्र करने की कोई जरूरत नहीं थी, क्योंकि उस ने इतनी जोर से अपना पता बताया कि सड़क के उस पार भी सुनाई दे जाए: 13, डंकन स्ट्रीट, हाउंड्सडिच तक ले चलो." वह बोली. 'यह तो सब सच्चा जान पड़ रहा है,' मैं ने सोचा और जब वह पूरी तरह अंदर बैठ गई, तो मैं भी गाड़ी के पीछे छिप गया. यह ऐसी कला है, जिस में हर जासूस को महारत हासिल होनी चाहिए. फिर हम खड़खड़ाते हुए चले और

तब तक नहीं रुके जब तक हम उस सड़क तक पहुंच नहीं गए. दरवाजा आने से पहले ही में गाड़ी से कूद गया और सड़क पर ऐसे ही टहलने लगा. मैं ने गाड़ी को रुकते हुए देखा. कोचवान नीचे कूदा और उम्मीद में खड़ा रहा. पर गाड़ी में से कुछ नहीं निकला. जब मैं उस के पास पहुंचा, वह गाड़ी के अंदर हड़बड़ाहट में कुछ टटोल रहा था और ऐसीऐसी गालियां दे रहा था जैसी मैं ने शायद ही पहले कभी सुनी हों. उस की सवारी का कोई नामोनिशान नहीं था और उस को अपना किराया मिलने की कोई उम्मीद नहीं दिखाई दे रही थी.

नंबर 13 पर पता करने पर हम ने पाया कि वह घर एक संभ्रात कागज के व्यापारी, केसविक का था और वहां पर किसी ने कभी न तो सॉयर और न ही डेनिस का नाम सुना था.

"तुम्हारा कहने का मतलब कहीं यह तो नहीं," मैं ने आश्चर्य से कहा, "कि वह लड़खड़ाती कमजोर बुढ़िया औरत चलती गाड़ी से कूद गई और न तुम और न ही कोचवान उस को देख पाया?"

"बूढ़ी औरत गई भाड़ में," शरलॉक होम्स ने कहा. "बूढ़ी औरतें तो हम लोग थे, जो उस के झांसे में आ गए. वह कोई जवान आदमी रहा होगा, जो काफी फुरतीला भी था और

साथ ही बेजोड़ अभिनेता भी. उस का मेकअप भी कमाल का था. उस ने निस्संदेह देख लिया था कि उस का पीछा हो रहा है और मुझे झांसा देने का उस ने यह तरीका अपनाया. यह दर्शाता है कि जिस आदमी की हमें तलाश है, वह उतना अकेला नहीं है जितना मैं उसे समझ रहा था, पर उस के साथ ऐसे मित्र हैं, जो उस के लिए खतरा मोल ले सकते हैं. डाक्टर, तुम थके हुए लग रहे हो, मेरी राय मानो तो जा कर सो जाओ."

मैं वास्तव में बहुत थकान महसूस कर रहा था, इसलिए में ने यह बात मान ली. मैं ने होम्स को उस जलती आग के पास बैठा छोड़ा और देर रात मैं ने उस के वायलिन की गमगीन धुनें सुनीं और मैं जान गया कि वह अब भी उसी विचित्र समस्या के बारे में सोच रहा है जिस को सुलझाने की उस ने ठानी थी.

जॉन रेंस को क्या बताना था \ ए स्टडी इन स्कार्लेट - सर आर्थर कॉनन डॉयल

जब हम ने नंबर 3, लौरिस्टन गार्डन छोड़ा, उस वक्त एक बज रहा था. शरलॉक होम्स मुझे सब से पास के तार घर में ले गया, जहां उस ने एक लंबा टेलीग्राम भेजा. फिर उस ने एक कैब बुलाई और ड्राइवर को आदेश दिया कि हमें लेस्ट्रेड के दिए पते पर ले जाए.

"साक्षात सबूत जैसा कुछ भी नहीं," उस ने टिप्पणी की, "असल में मेरे दिमाग में यह केस पूरी तरह सुलझ चुका है, पर फिर भी जो कुछ जान सकते हैं, जान लेना चाहिए."

"मुझे तुम ताज्जुब में डाल देते हो," होम्स, मैं ने कहा, "तुम ने जो सारी बारीकियां बताई हैं, उन के बारे में तुम्हें उतना नहीं मालूम जितना जानने का तुम नाटक कर रहे हो."

"गलती की गुंजाइश ही नहीं है," उस ने जवाब दिया. "वहां पहुंचने पर मेरा ध्यान सब से पहले इस बात पर गया कि पत्थरों के पास ही किसी कैब के पहियों से दो लकीरें बनी हुई थीं. अब पिछली रात तक एक हफ्ते से कोई बारिश नहीं हुई थी, इसलिए इतने गहरे निशान छोड़ने वाले पहिए रात में ही आए होंगे. वहां पर घोड़े के खुरों के भी निशान थे, जिस में एक निशान बाकी तीन निशानों से ज्यादा साफ था. इस का मतलब कि वह नाल नई थी, क्योंकि वह घोड़ागाड़ी बारिश शुरू होने के बाद वहां आई थी और सवेरे किसी भी समय नहीं आई, ऐसा ग्रेगसन ने खुद मुझे बताया- इस का मतलब यही हुआ कि रात में यह यहां लाई गई होगी. इस तरह इस घर में दोनों लोगों को ले कर आई."

"यह तो बड़ा साधारण सा जान पड़ रहा है," मैं ने कहा, "पर दूसरे शख्स की लंबाई के बारे में कैसे मालूम पड़ा?"

"क्यों, दस में से नौ मामलों में किसी भी व्यक्ति की लंबाई उस के पैरों के डगों की लंबाई से मापी जा सकती है. यह एक आसान सा गणित है, हालांकि अपने गणित से मैं तुम को बोर नहीं करना चाहता. इस आदमी के डग की लंबाई का अंदाज मुझे बाहर की गीली मिट्टी और अंदर की धूल से लग गया था. फिर भी अपनी गणना को जांचने का मेरे पास एक तरीका था, जब कोई दीवार पर लिखता है, तो वह स्वाभाविक तौर पर अपनी आंखों के स्तर पर लिखता है. अब लिखावट जमीन से लगभग दो मीटर की ऊंचाई पर थी. यह तो बच्चों का खेल था."

"और उस की उमर?" मैं ने पूछा.
"अगर कोई शख्स बगैर कोशिश किए लगभग सवा मीटर का डग भर सकता है, तो वह कोई कच्ची उमर का तो नहीं हो सकता, बगीचे में बने पानी भरे गड्ढे की इतनी ही चौड़ाई थी, जो उस ने पार की थी, उस के बूट पेटेंट चमड़े के थे और बूटों के पंजे चौकोर थे. इस में किसी तरह का कोई रहस्य नहीं है. मैं तो सिर्फ साधारण जिंदगी में वे बातें लागू कर रहा हूं, जिन की मैं ने उस लेख में पैरवी की है. क्या ऐसा और भी कुछ है, जो तुम्हें समझ में नहीं आ रहा है?"

"उस के नाखून और ट्रिशनोपोली," मैं ने सुझाव दिया.

"दीवार पर लिखावट किसी आदमी की खून में डूबी अंगुली से की गई थी. मेरे शीशे ने मुझे यह गौर करने दिया कि ऐसा करते वक्त प्लास्टर थोड़ा खुरचा हुआ था, जो तब नहीं होता अगर उस आदमी के नाखून कटे हुए होते. मैं ने जमीन पर फैली हुई थोड़ी सी राख उठाई. वह गहरे रंग की थी और उस में छोटेछोटे टुकड़े थे, जैसा सिर्फ एक ट्रिशनोपोली ही बना सकती है. मैं ने सिगरेट की राख पर विशेष अध्ययन किया है. सच में, मैं ने इस विषय पर लेख भी लिखा है. मुझे अपनेआप पर गर्व है कि मैं एक नजर में किसी भी सिगार या तंबाकू की राख पहचान सकता हूं. इन्हीं सब बारीकियों में एक मंझा हुआ जासूस ग्रेगसन

या लेस्ट्रेड से अलग होता है."

"और वह लाल चेहरा?" मैं ने पूछा.

"आह, वह जरा सी तुक्केबाजी थी, हालांकि मेरे मन में कोई शक नहीं है कि मैं ठीक था. इस वक्त तुम्हें मुझ से नहीं पूछना चाहिए."

मैं ने अपने माथे पर हाथ फेरा. "मेरा सिर चकरा रहा है," मैं ने कहा, जितना ज्यादा सोचो, उतना ही यह रहस्यमय होता जाता है. ऐसा कैसे हुआ कि अगर ये दो थे तो इस खाली घर में कैसे आए? उस घोड़ेवान का क्या हुआ जो इन्हें यहां तक लाया था? एक आदमी किसी दूसरे आदमी को जहर पीने के लिए मजबूर कैसे कर सकता है? यह खून कहां से आया? कत्ल का मकसद क्या था? क्योंकि डकैती तो थी नहीं. एक महिला की अंगूठी कैसे आई? सब से बड़ी बात तो यह है कि वहां से चंपत होने से पहले दूसरे आदमी ने जर्मन में 'रेशे' क्यों लिखा? मुझे कबूलना होगा कि इन सब तथ्यों का मेल बैठाना मेरे बस की बात नहीं है."

मेरा मित्र समझते हुए मुसकराया, "तुम इन हालातों की कठिनाइयों को बखूबी समझते हो." वह बोला, "पर अभी बहुत कुछ परदे में ही है, हालांकि मुख्य तथ्यों पर में अपने मन में फैसला कर चुका हूं. जहां तक बेचारे लेस्ट्रेड की खोज का सवाल है, वह तो पुलिस को गलत रास्ते पर डालने की चाल थी ताकि यह लगे कि इस मामले का संबंध समाजवाद या गुप्त सोसाइटी से है. यह किसी जर्मन का काम नहीं था. अगर तुम ने गौर किया हो, तो 'ए' जर्मन तरीके से लिखा गया था. अब असल जर्मन अक्षर लैटिन तरीके से लिखा जाता है, जिस से हम निश्चित तौर पर कह सकते हैं कि दीवार पर लिखने वाला कोई जर्मन नहीं था, वह कोई ऐसा पाखंडी था, जो अपने पाखंड को कुछ ज्यादा ही बढ़ाचढ़ा गया. वह तो जांच को गलत दिशा में मोड़ने की चाल थी. मैं तुम को केस के बारे में और कुछ भी नहीं बताऊंगा, डाक्टर, तुम जानते हो कि अपना पूरा खेल समझाने के बाद बाजीगर को कोई भी तारीफ नहीं मिलती और अगर मैं अपने काम करने के तरीके के बारे में तुम को बताता हूं, तो तुम इस नतीजे पर पहुंचोगे कि मैं आखिरकार एक साधारण सा ही इनसान हूं."

"मैं ऐसा कभी नहीं करूंगा," मैं ने जवाब दिया. "तुम ने जासूसी की कला को ऐसा शुद्ध विज्ञान बना डाला है, जिस से ज्यादा दुनिया में कभी कुछ हो ही नहीं सकता."

मेरी बात से मेरे मित्र का चेहरा खुशी से लाल हो गया, क्योंकि वह बात मैं ने दिल से कही थी. मैं पहले ही गौर कर चुका था कि अपनी कला की तारीफ सुनने पर उस को उतनी ही खुशी होती थी, जितनी किसी युवती को अपनी सुंदरता के बारे में सुन कर होती है.

"मैं तुम को एक बात और बताता हूं," वह बोला, पेटेंट लेदर और चौकोर पंजे एक ही कैब में आए थे और वे दोनों दोस्ताना अंदाज में, शायद बांहों में बांहें डाले इस रास्ते से गए थे. जब वे अंदर पहुंचे तो कमरे में इधर से उधर घूमे-या शायद, पेटेंट लेदर खड़ा रहा जबकि चौकोर पंजा इधर से उधर घूमा, यह सब मैं ने धूल से पढ़ लिया था और मैं ने यह भी पढ़ लिया था कि जैसेजैसे वह चहलकदमी करता गया, उस की उत्तेजना भी बढ़ती गई थी. यह उस के डगों की बढ़ती लंबाई से जाहिर है. वह पूरा समय बात कर रहा था, और उस का गुस्सा बढ़ता जा रहा था. फिर यह त्रासदी घटी. अब मैं ने तुम को वह सब बता दिया है जितना मुझे खुद मालूम था, क्योंकि बाकी सब केवल तुक्केबाजी है. फिर भी, हमारे पास कुछ अच्छे सबूत हैं जिन से हम शुरुआत कर सकते हैं. हमें जल्दी करनी चाहिए, क्योंकि आज दोपहर में नॉरमन-नेरूडा को सुनने के लिए हल्ले के कांसर्ट में जाना चाहता हूं."

यह बातचीत उस वक्त हो रही थी, जब हमारी घोड़ागाड़ी अंधेरी सड़कों और गंदी गलियों से गुजर रही थी. इन में से सब से गंदी और अंधेरी गली में आ कर हमारे कोचवान ने गाड़ी रोक दी. "वहां पर ऑडले कोर्ट है," उस ने बदरंगी ईंटों की कतार में एक पतले से सूराख की ओर इशारा करते हुए कहा.

ऑडले कोर्ट कोई सुंदर जगह नहीं थी. वह पतली गली हमें एक चौराहे पर ले गई. जिस पर झंडे टंगे थे और चारों ओर गंदे घर थे. हम मैलेकुचैले बच्चों और गंदे कपड़ों के बीच से होते हुए नंबर 46 पर आए, जिस का दरवाजा पीतल के एक टुकड़े से सजा था, जिस पर रेंस का नाम खुदा था. पूछताछ करने पर हम ने पाया कि कांस्टेबिल बिस्तर में था और हमें आगे के एक कमरे में बिठा दिया गया कि हम उस का इंतजार कर सकें.

कुछ समय बाद वह आया और नींद से जगाए जाने के कारण थोड़ा चिढ़ा हुआ था. "मैं ने ऑफिस में अपनी रिपोर्ट दे दी है." वह बोला.

होम्स ने अपनी जेब से आधा सौवरेन निकाला और उस से खेलने लगा. "हम ने सोचा कि हम तुम्हारे मुंह से ही सुनना चाहेंगे," वह बोला.

"जो कुछ भी में बता सकता हूं, वह बताने में मुझे बड़ी खुशी होगी," कांस्टेबिल ने जवाब दिया, उस की आंखें सुनहरे सिक्के पर टिकी थीं.

"जो कुछ भी हुआ, वह हम तुम्हारे ढंग से सुनना चाहते हैं."

"मैं सब कुछ शुरू से बताता हूं," वह बोला, "मेरा वक्त रात दस बजे से सुबह छह बजे तक है. ग्यारह बजे ह्वाइट हार्ट में लड़ाई हुई, पर उस के अलावा गश्त के दौरान सब शांत था. एक बजे बारिश शुरू हो गई और मैं हैरी मरचर से मिला जो कि हॉलैंड ग्रोव गश्त पर था. हम लोग हेनरीटा सड़क के मोड़ पर खड़े बातें करते रहे, थोड़ी देर बाद शायद दो बजे या उस के बाद, मैं ने सोचा कि ब्रिक्सटन रोड पर जा कर देखूं कि सब कुछ ठीकठाक है या नहीं. वहां काफी गंदगी थी और सन्नाटा भी.

"मुझे पूरी रातभर कोई नहीं मिला, हालांकि एक या दो कैब जरूर मिली थीं, मैं ऐसे ही

टहल रहा था, मन में सोचते हुए कि इस समय गरम जिन मिल जाए तो कितना अच्छा हो.

तभी अचानक इस घर की खिड़की से कुछ रोशनी सी मुझे दिखाई पड़ी. मैं जानता था कि

लौरेस्टन गार्डन के ये दो घर खाली पड़े थे, जिस का कारण था उन घरों का मालिक जो नालियां साफ नहीं कराता था और इन में से एक घर में रहने वाला किराएदार टायफाइड बुखार से मर गया था. इसलिए मैं वह रोशनी देख कर सन्नाटे में आ गया और मुझे शक हुआ कि कहीं कुछ गड़बड़ है. जब मैं दरवाजे पर पहुंचा-"

"तुम रुके और बगीचे के गेट तक वापस गए," मेरे मित्र ने टोका, "ऐसा तुम ने क्यों किया?"

रेंस बुरी तरह हड़बड़ा गया और भौचक्का हो कर शरलॉक होम्स से कहने लगा, "यह

सच है सर," वह बोला.

"परंतु आप को कैसे मालूम पड़ा?"

"दरअसल, जब में दरवाजे तक आया, यहां इतना सन्नाटा था कि मैं ने सोचा कि

बेहतर होगा कि कोई मेरे साथ हो. मुझे कब्र के ऊपर जिंदा किसी भी आदमी से डर नहीं लगता, पर मैं ने सोचा कि वह जो टायफाइड से मरा था, कहीं उन नालियों को देखने तो नहीं चला आया था, जिन की वजह से वह मरा था, इस विचार से मैं डर गया और में यह देखने वापस गेट तक गया कि मुझे मरचर की लालटेन दिखाई दे जाए, पर वहां न उस का निशान था, न किसी और का?"

"सड़क पर कोई भी नहीं था?"

"कोई जीवित आदमी नहीं था. सर, एक कुत्ता तक नहीं था. फिर में ने अपने को संभाला और वापस जा कर धक्के से दरवाजा खोला. अंदर सब शांत था इसलिए मैं उस कमरे में गया जहां रोशनी जल रही थी. मेंटलपीस पर एक लाल मोमबत्ती टिमटिमा रही थी. वहां रोशनी आ रही थी और उस रोशनी में मैं ने देखा-"

"हां, तुम ने जो कुछ भी देखा वह सब मुझे मालूम है. तुम ने कई बार कमरे के चक्कर लगाए, फिर तुम लाश के पास घुटनों के बल बैठ गए और फिर तुम ने जा कर किचन का दरवाजा खोलने की कोशिश की और फिर-"

भयभीत चेहरा और आंखों में शक लिए जॉन रेंस झटके से खड़ा हो गया. "तुम कहां पर छिपे हुए थे कि यह सब देख लिया?" वह चिल्लाया, "मुझे लगता है कि तुम को जितना मालूम होना चाहिए था, तुम उस से कहीं ज्यादा जानते हो."

होम्स हंसा और कांस्टेबिल की ओर मेज पर अपना कार्ड फेंका. "हत्या के लिए कहीं मुझे जेल मत भिजवा देना." वह बोला, "मैं तो खोजी कुत्तों में से एक हूं, भेड़िया नहीं हूं,

मिस्टर ग्रेगसन या लेस्ट्रेड इस बात का जवाब देंगे, आगे बोलो, फिर तुम ने क्या किया?" रेंस फिर से अपनी सीट पर बैठ गया, पर उस के चेहरे पर वह भौचक्का भाव बरकरार रहा. "मैं वापस गेट तक गया और सीटी बजाई, इस से मरचर और दो अन्य लोग मौके पर

आ गए."

"क्या उस वक्त सड़क खाली थी?"

"खाली तो थी, अब यह प्रश्न उठता है कि वहां पर कोई काम का आदमी था या नहीं."

"तुम्हारा मतलब क्या है?"

कांस्टेबिल के चेहरे पर मुसकराहट फैल गई. "मैं ने अपने जीवन में कई शराबी देखे हैं," वह बोला, "पर इतनी बुरी तरह धुत आज तक किसी को नहीं देखा. जब मैं बाहर आया, वह गेट पर था, रेलिंग पर लेटा हुआ सा और फेफड़े फाड़ने की आवाज में जोरजोर से गाना गा रहा था. वह तो खड़ा भी नहीं हो पा रहा था, मदद करना तो दूर की बात है."

"वह किस तरह का आदमी था?" शरलॉक होम्स ने पूछा.

इस पूछताछ से जॉन रेंस कुछ खिसियाया सा लगा. वह एक अजीब तरह का शराबी लग रहा था," वह बोला, "अगर हम इतने उलझे हुए नहीं होते, तो वह अपने को हवालात में पाता."

"उस का चेहरा, उस के कपड़े पर क्या तुम ने गौर नहीं किया?" होम्स ने बेचैन होते हुए पूछा.

"मैं समझता हूं कि मैं ने उस पर गौर जरूर किया था क्योंकि मैं ने उस को सहारा दे कर उठाया था, मरचर और मैं ने. वह एक लंबा आदमी था, लाल चेहरा लिए, निचला हिस्सा गोल था."

"इतना काफी है," होम्स बोल उठा, "उस का क्या हुआ?"

"हमारे पास उस की देखभाल करने के अलावा भी बहुत सारे काम थे," पुलिस वाले ने आहत आवाज में कहा, "मुझे यकीन है कि वह ठीकठाक अपने घर पहुंच गया होगा."

"उस ने किस तरह के कपड़े पहने हुए थे?"

"एक भूरा ओवरकोट."

"क्या उस के हाथ में चाबुक था?"

"चाबुक, नहीं."

"वह उसे कहीं छोड़ आया होगा." मेरा मित्र बुदबुदाया.

"उस के बाद तुम ने न कोई घोड़ागाड़ी देखी, न सुनी?"

"नहीं."

"यह तुम्हारे लिए आधा सोवरेन है," मेरे मित्र ने अपना हैट उठा कर खड़े होते हुए कहा. "मुझे डर है रेंस कि तुम पुलिस बल में ज्यादा ऊंचे नहीं उठोगे. यह तुम्हारा सिर शरीर की शोभा बढ़ाने के साथसाथ सोचने के काम भी आना चाहिए, कल रात तुम सारजेंट के पद पर तरक्की पा सकते थे. जिस आदमी को तुम ने बांहों में थामा था, उसी के हाथों में इस रहस्य की गुत्थी है और हम उसी आदमी को ढूंढ़ रहे हैं. इस बारे में बहस करने से अब कोई फायदा नही है. मैं कह रहा हूं कि ऐसा ही है. चलो, डाक्टर."

हम एकसाथ कैब की ओर चले और अपने मुखबिर को अविश्वस्त और बेचैन सा छोड़

गए.

"बेवकूफ आदमी!" होम्स ने कड़वाहट से कहा. जब हम अपने कमरों में वापस जा रहे थे तो वह बोला, "जरा सोचो कि उस के हाथ में कैसा मौका था पर उस ने उस का

फायदा नहीं उठाया."

"मैं अब भी अंधेरे में हूं. यह सच है कि इस आदमी का हुलिया तुम्हारे द्वारा खींचे गए हुलिए से एकदम मिलताजुलता था, पर एक बार जाने के बाद उस को वहां पर दोबारा क्यों आना पड़ा? यह तो अपराधी का तरीका नहीं है."

"अंगूठी, अरे, अंगूठी! वह अंगूठी के लिए ही वापस आया था. अगर हमारे पास उस को पकड़ने का और कोई तरीका नहीं होगा, तो हम उस के सामने अंगूठी का चुग्गा डाल सकते हैं. मैं उसे ढूंढ़ निकालूंगा, डाक्टर, मैं शर्त लगा सकता हूं कि मैं उसे ढूंढ़ लूंगा. मुझे तुम को शुक्रिया कहना चाहिए, अगर तुम नहीं होते तो मैं नहीं जाता और इस तरह अपने आप सब से बेहतरीन केस हाथ में लेने का मौका गंवा देता. रक्त के लाल रंग का अध्ययन है! क्यों न हम थोड़ी सी कला की भाषा का प्रयोग करें. जिंदगी के बदरंग धागे में हत्या का लाल रंग दौड़ रहा है और हमारा फर्ज है कि इस गुत्थी को सुलझाएं और उस को अलग कर के उस के हर कतरे को उजागर कर दें. अब लंच और फिर नॉरमन नेरुडा, उस का हमला और उस के झुकने का अंदाज बहुत सुंदर है. वह चोपिन का छोटा सा कौन सा तराना है, जिसे वह इतनी खूबसूरती से निभाती है: ट्रा-ला-ला-लिरा-लिरा-ले."

कैब पर पीछे पसरते हुए, यह खोजी कुत्ता, चिड़िया की तरह गाता रहा, जबकि मैं इनसानी दिमाग के बहुमुखी आयामों के बारे में सोचता रहा.

Thursday, December 28, 2023

द डा विंची कोड (2006) मूवी प्लाॅट

एक आदमी, जिसके जैक्स सोनिअर होने का पता चलता है, उसका पीछा सीलास नाम के एक रहस्यमय नकाबपोश व्यक्ति द्वारा पेरिस में लूव्र में ग्रैंड गैलरी में किया जाता है। सीलास, प्रायरी के clef de voûte या "कीस्टोन" के स्थान का पता मांगता है। मौत की धमकी के तहत, सौनिअर अंततः कबूल करता है कि कीस्टोन चर्च ऑफ़ सेंट सल्पाइस के भण्डार-गृह में रखा हुआ है, "गुलाब के नीचे।" सीलास उसे धन्यवाद देता है और फिर उसे पेट में गोली मार देता है।

इस बीच, अमेरिकी प्रतीक-विज्ञानी रॉबर्ट लेंग्डन (टॉम हैंक्स) से, जो पेरिस में प्रतीकों और पवित्र स्त्री पर एक AUP अतिथि व्याख्याता के रूप में गए थे, फ्रेंच पुलिस संपर्क करती है और लूव्र में अपराध स्थान का अवलोकन करने के लिए बुलाती है। वे पाते हैं कि सौनिअर ने मरते हुए हल्की काली स्याही और अपने स्वयं के शरीर और रक्त का उपयोग करते हुए जटिल रूप से कुछ प्रदर्शित करने की कोशिश की है। कप्तान बेजु फाक (जीन रेनो) उनसे उस पहेलीनुमा दृश्य की उनकी विवेचना के बारे में पूछते हैं।

सीलास, "द टीचर " नाम के एक रहस्यमय आदमी को बुलाता है और खुलासा करता है कि उसने कीस्टोन के सभी चार संरक्षकों को मार दिया है और यह भी कहा कि मारे गए सभी ने उसी ख़ास स्थान की पुष्टि की है। वह अपनी जांघ पर एक धातु का रोमच्छद पहनता है और हत्या के पापों के लिए एक चाबुक से खुद को कोड़े मारता है। इसके बाद सीलास, बिशप मैनुअल अरिंगारोसा द्वारा सुविधा हासिल करके सेंट-सल्पाइस जाता है और उसे एक बुजुर्ग नन द्वारा भर्ती किया जाता है; अकेले होने पर, वह चर्च की फर्श खोदता है उसे एक पत्थर मिलता है जिस पर लिखा होता है जॉब 38:11. उसका सामना नन से होता है, जो एक पंक्ति को उद्धृत करती है: "हिदर्टु शैल दाऊ कम, बट नो फर्दर" (यहां तक तुम आए हो, लेकिन इससे आगे नहीं). यह एहसास होने पर कि उसे धोखा दिया गया है, सीलास ख़फ़ा हो जाता है और नन को मार देता है।

सोफी नेवू (ऑड्रे तौटो), जो फ्रांस की पुलिस में एक कूट-विशेषज्ञ है, लूव्र में प्रवेश करता है और लेंग्डन को गुप्त रूप से एक संदेश देता है जो उसे पुरुषों के कमरे तक ले जाता है। वहां, सोफी उससे मिलती है और उसे बताती है कि उस पर नज़र रखी जा रही है, एक GPS ट्रैकिंग डॉट को (जो उसे ज्ञात नहीं) उसकी जैकेट में डाल दिया गया है और कहा कि लाश के पास मिली एक पंक्ति की वजह से वह इस हत्या के मामले में मुख्य संदिग्ध है ("पी. एस. रॉबर्ट लेंग्डन को खोजो)". सोफी हालांकि मानती है कि, सौनिअर, जो पता चलता है कि उसके दादा थे, उसे एक गुप्त संदेश देना चाहते थे और वह लेंग्डन को इस समीकरण में लाना चाहते थे ताकि वह कोड को तोड़ने में सोफी की मदद कर सके।

ट्रैकिंग उपकरण को हटाने के द्वारा प्राप्त हुए समय में वे दोनों लूव्र को खंगालना शुरू करते हैं और उन्हें सौनिअर द्वारा छोड़े गए कुछ और अनाग्राम संदेश मिलते हैं। इनमें से कई, लियोनार्डो दा विंची की कला से संबंधित होते हैं और दोनों को मैडोना ऑफ़ द रॉक्स के पीछे कुमुदिनी के फूल के साथ एक चाबी मिलती है।

फ्रांस की पुलिस द्वारा पीछा किये जाने और अमेरिकी दूतावास से कट जाने के बाद वे दोनों बच कर Bois de Boulogne जाते हैं जहां लेंग्डन उस चाबी का गहन निरीक्षण करता है। एक सिरे पर उन्हें कुछ अंकित दिखता है जो एक पता है। वह पता उन्हें ज्यूरिख के डिपॉजिटरी बैंक की तरफ निर्देशित करता है जहां उस चाबी का इस्तेमाल एक सेफ्टी बॉक्स के लिए किया जाता है।

बैंक में उन्हें सौनिअर का जमा बॉक्स मिलता है और वे उसे 10 अंको वाले फिबोनैकी संख्या के क्रम (1123581321) का उपयोग करके खोलते हैं। बॉक्स के अंदर, उन्हें शीशम का एक कंटेर मिलता है, जिसमें एक गुप्तलेख होता है: पांच वर्णानुक्रमिक अंक पट्ट वाला एक बेलनाकार कंटेनर जिसके पांच अक्षरों वाले कूट को पढ़ने के लिए उसे सही अनुक्रम में करना आवश्यक होता है ताकि उसे फिर खोल कर उसके अन्दर रखे चर्मपत्र सन्देश को देखा जा सके। उस गुप्तलेख को जबरदस्ती खोलने पर उसके अन्दर रखी सिरका की शीशी टूट जाएगी जो चर्मपत्र को खराब करते हुए संदेश को नष्ट कर देगी.

दुर्भाग्य से, एक सुरक्षा गार्ड द्वारा पुलिस को बुला लिया जाता है और उन्हें उस जगह को छोड़ने पर मजबूर होना पड़ता है। बैंक मैनेजर, आंद्रे वेर्नेट, बच कर निकलने में उनकी सहायता करते हैं और उन्हें पुलिस द्वारा की जाने वाली नियमित जांच से बचाने के लिए एक बख़्तरबंद वैन में यात्रियों के रूप में ले जाते हैं। ट्रक के पीछे बैठे लेंग्डन और नेवू के बीच गुप्तलेख को लेकर एक लंबी चर्चा होती है और नेवू कहती है कि उसके दादा अक्सर गुप्तलेख लेकर उसके साथ खेला करते थे। लेंग्डन कहते हैं कि गुप्तलेख में बहुमूल्य जानकारी हो सकती है या जो वे खोजने की कोशिश कर रहे हैं उसके बारे में एक और सुराग हो सकता है। अंततः, वे एक जगह अचानक रुक जाते हैं और वेर्नेट उनसे बंदूक की नोक पर 
गुप्तलेख देने को कहता है। लेंग्डन, झांसा देकर वेर्नेट को निहत्था कर देता है और वह और सोफी गुप्तलेख के साथ वहां से बच कर भाग जाते हैं।

लेंग्डन सुझाव देता है कि उस गुप्तलेख को खोलने में मदद पाने के लिए उन लोगों को उसके मित्र, ले टीबिंग (इयान मेकेलेन) के यहां जाना चाहिए। ले टीबिंग, पवित्र ग्रेल का एक उत्साही खोजी निकलता है, जो यह मानता है कि वास्तव में, ग्रेल कोई कप नहीं है, बल्कि मेरी मेग्डेलेन है जिसे इसलिए भगा दिया गया था क्योंकि यीशु के अनुयायी, अपने नेता की हत्या के बाद एक औरत का अनुगमन नहीं करना चाहते थे। मेरी उस समय गर्भवती थी और टीबिंग, सोफी को बताता है कि यीशु के वंश की रक्षा करने के लिए एक गुप्त समाज का गठन किया गया। माना जाता है कि जैक सौनिअर इस समाज का एक हिस्सा थे और टीबिंग को संदेह है कि वह सोफी को इसमें शामिल होने के लिए प्रशिक्षण दे रहे थे। सीलास, इस बीच, टीबिंग की हवेली में घुस जाता है और गुप्तलेख को चुराने का प्रयास करता है। टीबिंग, अपनी छड़ी का उपयोग करते हुए सीलास को बेहोश कर देता है और फिर वे लोग नौकर, रेमी जीन और सीलास को लेकर वहां से बच कर निकल जाते हैं। टीबिंग के विमान से यह दल अगले सुराग का पीछा करते हुए लंदन पहुंचता है।

यह पता चलता है कि रेमी जीन भी वास्तव में द टीचर का एक अनुयायी है, मगर एक रहस्यमय आदमी द्वारा सीलास को मुक्त कराने के बाद उसे मार दिया जाता है। सीलास पर पुलिस द्वारा हमला किया जाता है और शुरू हुई गोलीबारी में वह अकस्मात बिशप मैनुअल अरिंगारोसा को गोली मार देता है। दु:ख से अभिभूत होकर सिलास, पुलिस की गोलियों से आत्महत्या में मर जाता है और अरिंगारोसा को अस्पताल ले जाया जाता है, साथ ही साथ फाक उसे धोखा देने के जुर्म में गिरफ्तार कर लेता है।

जैसे-जैसे लेंग्डन रहस्य को सुलझाने के करीब होता जाता है, उसे टीबिंग द्वारा धोखा दिया जाता है, जिसके फिर द टीचर होने का पता चलता है। टीबिंग बताता है कि वह मेरी मेग्डेलेन के अवशेष खोजना चाहता है ताकि वह साबित कर सके कि पवित्र ग्रेल के बारे में वह सही था और धमकी देता है कि अगर लेंग्डन ने कोड को नहीं खोला तो वह सोफी को गोली मार देगा। जवाब में लेंग्डन गुप्तलेख को हवा में फेंक देता है। टीबिंग उसको लपकता है, लेकिन वह ज़मीन पर गिर जाता है। सिरका की शीशी टूट जाती है और जाहिरा तौर पर दस्तावेज़ पर फैल कर उसे नष्ट कर देती है।

टीबिंग के गिरफ्तार होने के बाद, यह पता चलता है कि लेंग्डन ने कोड को सुलझा लिया है ('Apple') और उसे फेंकने से पहले गुप्तलेख से सुराग हटा दिया था। सुराग के प्रयोग से, वे स्कॉटलैंड में रौज़लिन चैपल जाते हैं जहां मेग्डेलेन के अवशेषों को पहले छिपाया गया था। वहां, वे गुप्त संगठन के अन्य सदस्यों से मिलते हैं जिसने उसकी रक्षा की थी। यह पता चलता है कि सोफी, वास्तव में मेग्डेलेन की वंशज है और इसलिए वह जीसस क्राइस्ट की वर्तमान जीवित वंशज है। वे उसे सुरक्षित रखने की कसम खाते हैं। लेंग्डन और सोफी इसके शीघ्र बाद अलग हो जाते हैं।

हजामत बनाते वक्त लेंग्डन गलती से खुद को काट लेता है और सिंक पर खून की रेखा उसे गुलाब रेखा की याद दिलाती है। वह गुलाब रेखा का अनुसरण करता है और पवित्र ग्रेल के स्थान का पता लगाता है, जो लूव्र में पिरामिड में नीचे दफ़न है। लेंग्डन फिर मेरी मेग्डेलेन की कब्र के सामने घुटने टेकता है, जैसा कि टेमप्लर नाइट्स ने उसके सामने किया था।

Million Dollar Baby (2004) Hollywood Dual Audio [Hindi-English] Movie

निर्देशक - क्लिंट ईस्टवुड अभिनीत - क्लिंट ईस्टवुड, हिलेरी स्वांक, मॉर्गन फ़्रीमैन रिलीज़ करने की तिथि - 5 दिसम्बर 2004 कार्यकार...